पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आयोजकों की ओर से की गई गलत घोषणा के कारण संभवतः यह घटना हुई।
श्री अधिकारी ने घटना को “बेहद दुखद” बताते हुए कहा, “अब तक मिली जानकारी के अनुसार, आयोजकों की ओर से की गई गलत घोषणा के कारण संभवतः भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई। हमारी प्राथमिकता घायलों का इलाज सुनिश्चित करना और जान गंवाने वाले 17 लोगों के परिवारों के साथ खड़े रहना है।”
घटना के बाद एहतियात के तौर पर कई प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजकों ने अपने पंडाल श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए। स्थानीय लोगों ने भारी भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे और बचाव कार्य के दौरान पुलिस, दमकल विभाग तथा आपदा प्रबंधन समूह (डीएमजी) की टीमें भी अनुपस्थित थीं। इसके कारण स्थानीय लोगों को मदद के लिए आगे आना पड़ा। इन आरोपों की तत्काल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना शाम करीब 7.40 बजे गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के सरदा पार्क (चोरबागान) सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल के निकास द्वार के पास हुई। बारिश के बीच वहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे।
घायलों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा आर. जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना के बाद श्री अधिकारी से बात की। उन्होंने कहा कि वह रविवार को पश्चिम बंगाल में अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर अस्पताल में घायलों से मिलने जाएंगे।
श्री शाह ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट में घटना में कई लोगों के हताहत होने की खबरों पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि प्रशासन घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रहा है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
घटना के बाद मौके पर पुलिस, दमकलकर्मियों, आपदा प्रबंधन दलों और चिकित्सा टीमों के साथ एंबुलेंस तैनात की गईं। इसके बाद चोरबागान पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया।
दक्षिण कोलकाता के त्रिधारा सम्मिलनी, चेतला अग्रणी और संतोष मित्र स्क्वायर सहित कई प्रमुख पूजा आयोजकों ने भी एहतियातन अपने पंडाल बंद करने की घोषणा की। सप्तमी के दिन ताला प्रत्योय ने भी अपना पंडाल बंद कर दिया।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया, जब पांच दिवसीय दुर्गा पूजा के सबसे व्यस्त दिनों में शामिल सप्तमी पर कोलकाता के प्रमुख पूजा पंडालों में हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे थे।
अधिकारी चोरबागान पंडाल में भीड़ बढ़ने के कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच में आयोजकों की कथित गलत घोषणा, भीड़ प्रबंधन और बारिश के दौरान निकास द्वार की ओर श्रद्धालुओं की आवाजाही सहित विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है।
कोलकाता पुलिस के लालबाजार नियंत्रण कक्ष ने घटना से संबंधित जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 18003455678 और 03322141310 जारी किए हैं।