जलसंकट से निपटने के लिए नए हाइड्रेंड बनेंगे

इंदौर:जल संकट से निपटने के लिए विभागीय मंत्री की बैठक में अहीर खेड़ी, बांगड़दा, भौरसला जैसे क्षेत्रों में नए हाइड्रेंड बनाने और नर्मदा गंभीर योजना से यशवंत सागर भरने पर सहमति बनी. इसके अलावा शहर में कार वाशिंग और आरओ के पानी को भी सहजने पर काम शुरू होगा. साथ ही तय किया गया कि ट्रीटेड वाटर की सप्लाई निर्माण और उद्यानों में की जाएगी. मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि टैंकरों को टंकियों जगह सिर्फ हाइड्रेंड से ही भरें.

शहर में इस साल बारिश कम होने के बाद जलसंकट को लेकर सिटी बस आफिस में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में बैठक बुलाई गई. बैठक में उन संभावनाओं और प्रस्ताव  पर चर्चा हुई, जिनसे जलसंकट से निपटा जा सकता है. बैठक में वर्तमान स्थिति में नर्मदा पानी, बोरिंग, टैंकर, हाइड्रेंड सहित जल वितरण को लेकर चर्चा की गई. वर्तमान हालात में जलसंकट से निपटने का कोई मजबूत निर्णय नहीं लिया जा सका.नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दिवाली बाद हालत खराब हो जाएगी, इसलिए पानी संकट पर गंभीरता से निपटना जरूरी है. अभी नवदुर्गा में भी पानी की लोग शिकायत कर रहे है. 50 बोरिंग करने की मांग मेरे पास लोगों ने की है. उन्होंने कहा शहर में जहां भी तालाब है उसके पास दो से पांच ट्यूबवेल करें, जिससे हाइड्रेंट में पानी मिल सकता है. सिरपुर तालाब के बाहर हाइड्रेंड चालू है और वहां टैंकर भरा रहे.

जलसंकट को लेकर बैठक में इन व्यवस्था पर जोर
– 71 हाइड्रेंड की मांग
– नर्मदा 14 वॉल बदलना है, जिससे पानी सप्लाई में सुधार होगा
– 34  स्थानों ऐसी पुरानी लाइन को बदलना है जहां ड्रेनेज मिक्स लाइन है। कई स्थानों पर दो दो तीन तीन लाइन.
– कलेक्टर को बोरिंग अधिग्रहण का अधिकार । निजी बोरिंगों को अधिग्रहण किया जाना चाहिए।
– टैंकरों की दर निर्धारित करने का भी प्रस्ताव

जलसंकट पर किसकी क्या राय
– महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि अमृत 1.0 योजना 2019 खत्म हुई है. अमृत 1.0 योजना में बहुत ज्यादा खराब काम हुआ है, जिसकी लोग शिकायत करते है कि पुरानी लाइन क्यों बंद की? उसमें पानी तो मिल रहा था. नई लाइन से पानी नहीं मिलता है लोगों को लगता है पानी निगम बंद कर रहा है. लीकेज या पानी लाइन चेक करने में ढाई महीने का समय लगता है. ऐसे में पुरानी लाइन का सप्लाई चालू रखना पड़ रहा है.
– विधायक मधु वर्मा ने मोटर के समय बिजली बंद करने और मोटर से पानी खींचने पर चोरी का मुकदमा दर्ज करने का कहा है।
– विधायक रमेश मेंदोला ने टंकियों को दो बार भरने और टंकियों से टैंकरों भरने कर रोक लगाने की बात कही.
– जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने नर्मदा का पानी व्यर्थ बहने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 70 प्रतिशत जगहों पर टोटी नहीं है. जहां टोटी नहीं है तो नल कनेक्शन काट दो। व्यर्थ पानी नहीं ढोलने में कमी आएगी.
– जल प्रभारी अभिषेक शर्मा ने कहा कि वांचू प्वाइंट सीडी 2700 एमएम डाया लाइन डालने पर विचार करें. निगम के टैंकर पुराने कंडम हो चुके हैं, नए 100 सौ टैंकर खरीदे जाएं.

नगर निगम के पास नहीं है शहर में नर्मदा लाइन के नक्शे
बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को बताया कि 2016 से पहले की नर्मदा लाइन का कोई नक्शा नहीं है, इसलिए शहर में मालूम नहीं पड़ता है कि कहां से लाइन गई है. 2016 के बाद अमृत योजना के नक्शे है. आयुक्त ने मंत्री को बताया कि 52562 घरों में नर्मदा लाइन नहीं है. 33037 हजार घरों में नर्मदा पानी नहीं पहुंच रहा है. शहर में 31385 परिवार डायरेक्ट सप्लाई की जा रही है. डायरेक्ट सप्लाई को रोकने के लिए लाइन डालने के बाद पानी की बचत काम शुरू हो जाएगी. आयुक्त ने वांचू प्वाइंट से 27 सौ एमएम डाया लाइन डालने पर कहा कि रेलवे तीन किलोमीटर लंबी टनल में अनुमति नहीं देगा. उसके बिना इतना बड़ी लाइन डालना संभव नहीं है. इसके अलावा आयुक्त ने नर्मदा गंभीर योजना से दिवाली बाद सिंचाई के लिए पानी देने में कमी आने पर यशवंत सागर में पानी भरने की संभावना जताई है. सांवेर एरिगेशन योजना की मनाही करते हुए कहा कि 280 एमएलडी पानी दो साल बाद मिलने की संभावना है. आयुक्त ने बैठक में कहा कि जलूद में वाटर लेवल नहीं मिल रहा है. ओंकारेश्वर बांध से लिमिट में पानी छोड़ा जाता है. इंदिरा सागर बांध का पानी बहुत आगे है, उससे पानी लाना संभव नहीं है.

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