सिंगरौली :नगर पालिक निगम सिंगरौली के सभागार में आज दिन गुरूवार को परिषद की साधारण बैठक सभापति देवेश पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जहां बैठक में भाजपा-कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के पार्षद आमने-सामने आ गये और जमकर ढाई घंटे तक हंगामा हुआ। इस दौरान सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह, मेयर रानी अग्रवाल, ननि आयुक्त सविता प्रधान मौजूद रहे।बैठक आरंभ होते ही ननि अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने सभी पार्षदो से शहर की विकास में सहयोग करने का सुझाव दे रहे थे कि इसी दौरान कांग्रेस पार्षद अनिल बैस पर बिफर गये और कहा कि ननि के कार्य में बाधा क्यो डाल रहे हैं। बार-बार न्यायालय जाने से विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। इसी बात को लेकर भाजपा-कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के पार्षद आमने-सामने आ गये और जमकर तूतू-मैंमैं शुरू हो गया।
वहीं भोजन अवकाश के बाद बैठक फिर शुरू हुई, जहां बैठक में शहर के समग्र विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाने तथा नगरीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में शहरवासियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सिविक सेंटर के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई। इसके साथ ही स्टोर में रखी पुरानी अनुपयोगी सामग्री की नीलामी, मल्हार पार्क में अग्रसेन महाराज की प्रतिमा स्थापित करने तथा जयंत अस्पताल के समीप स्थित तिराहे का नाम सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर करने के प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृति दी गई। इसके पश्चात पूर्व बैठक के एजेंडे को उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया। परिषद के समक्ष प्रस्तुत विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समयाभाव के कारण बैठक की शेष कार्यवाही अगले दिन कल शुक्रवार को प्रात: 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई। परिषद की बैठक के पश्चात ननि अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने महापौर सहित पार्षदों के साथ शॉपिंग प्लाजा का भौतिक निरीक्षण एवं विस्तृत सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान प्लाजा की वर्तमान स्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और चर्चा की गई की गनियारी व्यावासियक प्लाजा का ध्वस्त कराकर पीपी मोड में निर्माण कराया जाए और जिन दुकानदारों को दुकाने आवंटित थी,उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुकाने दी जाएं। इस दौरान बैठक में नेता प्रतिपक्ष सीमा जायसवाल, भारतेंद्र पाण्डेय, विजय कुमार साहू, रविंद्र सिंह, प्रेमसागर मिश्रा, गौरी अर्जुनदास गुप्ता, उर्मिला सिंह, अखिलेश सिंह, आशीष बैस, सहित नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर आरपी बैस, कार्यपालन यंत्री अरविंद मडराई तथा संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
गोपनीय दस्तावेज के लीक पर भड़के सभापति
बैठक शुरू होते ही ननि सभापति ने सवाल उठाते हुये कहा कि शासकीय दस्तावेज पार्षद को कैसे उपलब्ध हो रहा है, नोट सीट गोपनीय दस्तावेज है और बिना सूचना अधिकार के तहत पार्षद अनिल बैस को कहां से मुहैया हुई। अनिल बैस इसका दुरूपयोग कर रहे हैं और अनुशासन हिनता भी करते हैं। इसी बात को लेकर पार्षद अनिल बैस एवं सभापति के बीच तूतू-मैंमैं शुरू हो गया। बात यहां तक चली गई कि पार्षद को निलंबित करने की बात कर दिये। साथ ही सभापति ने मेयर रानी अग्रवाल को भी सवालों के कटघर्रे में खड़ा कर दिया। सिविक सेंटर और व्यावसायिक प्लाजा गनियारी के मामले में मेयर अपना रूख स्पष्ट करें, बार-बार न्यायालय पहुंच उक्त दोनों प्रोजेक्ट को पार्षद के सहारे रोड़ा डालने में क्यो अमादा हैं? मेयर ने गोलमाल जवाब दिया, इसी बात को लेकर अध्यक्ष मेयर के बीच जमकर कहा-सुनी हुई।
मेयर ने किया पलटवार, आयुक्त ने दिया करारा जवाब
बैठक में सिविक सेंटर और व्यावसायिक प्लाजा के मामले में ननि अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने साफ तौर पर मेयर के पत्र को सदन में दिखाते हुये कहा कि मेयर अपना रूख स्पष्ट करें कि बार-बार इन महत्वपूर्ण कार्य में रोड़ा क्यों डाल रही हैं। मेयर ने पलटवार करते हुये कहा कि जिसका जो काम है और अधिकार है, उसी हिसाब से कार्य करें। हम कोई गलत नही कर रहे हैं। अपना अधिकार मुझे पता है। वहीं आयुक्त सविता प्रधान ने सदन में ही मेयर के कामकाज का पोल खोल दी और उन्होंने यहां तक कहा कि नोट सीट एक ही तरह की लिखी जा रही है, नोट सीट में क्या लिखा जा रहा है, मै समझ नही पाती। विकास कार्य संबंधि प्रस्ताव एमआईसी में कई बार दिये जाते हैं और भेजे जाते हैं, मेयर के द्वारा लौटा दिया जाता है। ऐसे कई प्रस्ताव हैं। आयुक्त के इस जवाब से मेयर के पसीने छुटने लगे।
विधायक ने कहा सब मिलकर कार्य करें
परिषद की बैठक में काफी हंगामा, शोर-शराबा होते देख विधायक रामनिवास शाह ने हस्तक्षेप किया और कहा कि हंगामा करने से कुछ हासिल होने वाला नही है, इसी तरह लड़ते रहेंगे और 6-7 महीने कार्यकाल शेष बचा हुआ है। लड़ाई मत करिये, विकास कार्यो पर चर्चा कीजिए। चुनाव के वक्त प्रचार करने जाएंगे तो जनता के सवालों का क्या जवाब देंगे। सभी मिलकर विकास को प्राथमिकता दें और ननि के 45 वार्ड हैं। ननि के सभी पार्षदगण प्रस्ताव तैयार कर आयुक्त को दे, डीएमएफ का 1750 करोड़ रूपये है। और मार्च महीने के अंदर खर्च करना है। वहीं विधायक ने मोरवा जोन के विकास पर भी चर्चा किये। इस दौरान पार्षद भारतेन्दु पाण्डेय,सीमा जायसवाल, संतोष शाह ददौली, अखिलेश सिंह समेत अन्य पार्षदों ने सवाल-जवाब कर कई अहम मुद्दों को उठाया। वहीं कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा को चंदा चोर कहते हुये जमकर नारेबाजी की।
