बागली: 85 वर्षीय रामचंद्र जी यादव किसी पहचान के मोहताज नहीं रहे बागली सहित आसपास के 50 से अधिक गांव के लोग उन्हें श्रवण कुमार के नाम से जानते रहे 1986 से लेकर 2023 तक उन्होंने लगभग 100000 से अधिक वृद्धावस्था वाले श्रद्धालुओं को बद्रीनाथ केदारनाथ गंगोत्री यमुनोत्री रामेश्वरम कन्याकुमारी जगन्नाथ पुरी सहित अनेक स्थानों पर ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से तीर्थ दर्शन करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई आरंभ के दिनों में वह स्वयं भी तीर्थ यात्रियों के साथ जाते रहे कुछ महीने पूर्व दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि वह भारत के सभी राज्यों में 30 वर्ष से पहले ही घूम कर आ गए.
क्षेत्र से जुड़े 50 से अधिक गांव के लोग उन्हें नाम सहित अच्छी तरह से पहचानते बुजुर्ग लोग यात्रा पूरी होने के बाद उन्हें श्रवण कुमार की संज्ञा देते तो उनका मन खुश होता परिवार में 6 पुत्र एवं बहु पोते की खुशहाली देखकर जब भी वह मिलते राम-राम संदेश के साथ हाल-चाल पूछने पर कहते सब राम जी की मौज है कोई किसी बात की कमी नहीं है। उनके द्वारा तीर्थ यात्री गाड़ियों में श्रद्धालुओं को परिजन उनके ही भरोसे बिठा कर जाते कई बार यात्रा के दौरान 15 दिन से 30 दिन तक यात्रा संपन्न होती थी उस वक्त मोबाइल फोन और मोबाइल बैंकिंग नहीं थी.
ऐसी स्थिति में परिजन वृद्ध जनो के लिए खर्च की राशि भी दादा को देकर कहते जरूरत पड़ने पर इनका ख्याल रखना घर जाकर दादा सभी का हिसाब किताब करते उनकी ईमानदारी और धार्मिक भावना के कई किस्से उनके साथ गए तीर्थ यात्री आज भी सुनते हैं। विगत दिनों उनके निधन का समाचार मिलते ही क्षेत्र से जुड़े श्रद्धालु और सामाजिक लोगों को दुखी कर गया उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता धार्मिक कार्यकर्ता और रिश्तेदार शामिल हुए परिवार से जुड़े पुत्र किशन यादव ने बताया कि वह हमेशा स्वस्थ रहने के साथ-साथ पैदल चलने में अधिक विश्वास रखते उनकी डायरी में 1000 से अधिक लोगों के मोबाइल नंबर और टेलीफोन नंबर लिखे हुए थे।
कीपैड मोबाइल पर भी कई लोग उनसे हाल-चाल जानते और तीर्थ यात्रा की बात करते हालांकि कुछ दिनों से उन्होंने तीर्थ यात्रा वाली बसों का संचालन करना बंद कर दिया लेकिन जो भी यात्री कहीं जाता तो उनसे राय जरूर लेता। रामचंद्र जी यादव के निधन पर बागली विधायक मुरली भंवरा पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष के प्रतिनिधि कमल यादव पत्रकार सुनील योगी अधिवक्ता मुकेश गुर्जर डॉ राजेश यादव चंद्र पटेल नाथू सिंह सेंधव संजय चौधरी सहित कई लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दुख जताया
