भोपाल। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों ने कब्ज़ा कर लिया है. ये चालक सड़क के बीच में खड़े होकर यात्रियों को बैठा रहे हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है. जिससे यात्रियों और राहगीरों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है। दरअसल बोर्ड ऑफिस चौराहा राजधानी के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है. यहां से हर दिन हजारों वाहन गुजरते हैं. लेकिन पिछले कुछ समय से इस चौराहे पर ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा की बाढ़ सी आ गई है. कई बार तो ये चालक आपस में झगड़ा भी करते हैं, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है. इस समस्या के कारण यात्रियों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई बार तो उन्हें जाम में फंसना पड़ता है, जिससे उनका समय बर्बाद होता है. इसके अलावा, सड़क के बीच में खड़े ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों को अन्य यात्रियों द्वारा रोके जाने पर यह चालक उनसे भी बड़ी ही बत्तमीज़ी से बात करते है.
मैं इस चौराहे के पास रहता हूं. लेकिन ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों के कारण मुझे यहां से गुजरने में डर लगता है. ये चालक बहुत तेज गति से वाहन चलाते हैं और यातायात नियमों का भी उल्लंघन करते हैं. बीती शाम के समय पीक हावर्स में एक ई रिक्शा वाले के कारण महिला का एक्सीडेंट हुआ उस समय भी पुलिस मौके पर मौजूद नहीं थी.
-अनुज पांचाल, रहवासी
मैं हर दिन इस चौराहे से गुजरता हूं. लेकिन पिछले कुछ समय से यहां ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों का आतंक बढ़ गया है. ये चालक सड़क के बीच में खड़े होकर यात्रियों को बैठाते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है. कई बार तो मुझे जाम में फंसना पड़ता है
-विपुल घागडे, दोपहिया वाहन चालक
पुलिस को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर नियमित रूप से गश्त करनी चाहिए, ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जानी चाहिए।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।यदि इन सुझावों पर अमल किया जाता है, तो बोर्ड ऑफिस चौराहे पर ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा सो रही परेशानी को कम किया जा सकता है.
