तिरुवनंतपुरम, 15 अक्टूबर (वार्ता) केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने विधानसभा में ‘केरल मैरीटाइम बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश करते हुए कहा कि केरल अपनी समुद्री क्षमताओं का प्रभावी ढंग से उपयोग करके अपने सड़क यातायात का 50 प्रतिशत तक हिस्सा समुद्री मार्गों पर स्थानांतरित कर सकता है।
उन्होंने सरकार के प्रस्तावित ‘मिशन समुद्र’ के बारे में बताते हुए कहा कि समुद्री मार्ग से माल ढुलाई का खर्च, सड़क मार्ग से होने वाले खर्च का केवल एक-तिहाई होगा। इस मिशन का उद्देश्य केरल को एक एकीकृत समुद्री और बंदरगाह-आधारित आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
इस परियोजना में राज्य के बंदरगाहों को आपस में जोड़ना और तटीय शिपिंग, अंतर्देशीय जल परिवहन, बंदरगाह-आधारित उद्योगों, समुद्री पर्यटन और जहाज निर्माण को बढ़ावा देना शामिल है। श्री सतीसन ने कहा कि केरल की लगभग 600 किलोमीटर लंबी तटरेखा, दो अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, एक कंटेनर टर्मिनल और 18 छोटे बंदरगाह समुद्री-आधारित आर्थिक विकास के लिए व्यापक संभावनाएं प्रदान करते हैं।
तटीय शिपिंग के शुरुआती चरण में तेल, गैस, रसायनों और खतरनाक पदार्थों की ढुलाई पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरकार की योजना कोच्चि और कोझिकोड में क्रूज़ टर्मिनल स्थापित करने की भी है, जिसके जरिए केरल को दुबई, मालदीव, श्रीलंका और गोवा से जोड़ा जाएगा। बाद में, नदी-आधारित क्रूज़ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस नेटवर्क को राज्य की 44 नदियों से भी जोड़ा जा सकता है।