रोजाना 3 करोड़ लीटर पानी के दोबारा इस्तेमाल का प्रस्ताव

इंदौर: कम बारिश के कारण आगामी गर्मियों में जलसंकट को देखते हुए नगर निगम की जल प्रबंधन की नई योजना बनाई है. निगम द्वारा शहर में ताजे पानी की मांग कम के लिए अब सीवेरेज के पानी को उपचारित कर दोबारा इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही है. इसके तहत शहर में चार स्थानों पर 30 एमएलडी क्षमता के टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है. उक्त ट्रीटमेंट प्लांट से रोजाना करीब 3 करोड़ लीटर उपचारित पानी उपलब्ध कराने की योजना है. इसके लिए 21.59 करोड़ रुपए की ‘जल ही अमृत’ परियोजना से इसके संग्रहण और वितरण का नेटवर्क बनाया जाएगा. योजना में 133 उद्यानों को उपचारित पानी से जोड़ने और शहर के 22 जोन में 162.03 किमी सीवर लाइन के पुनर्वास या प्रतिस्थापन का प्रस्ताव भी शामिल है.

आज सिटी बस ऑफिस में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अमृत प्रोजेक्ट और सीवरेज विभाग की समीक्षा बैठक ली. विभिन्न योजनाओं के साथ ड्रेनेज कार्यों, नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), तालाबों में जल संग्रहण, कान्ह-सरस्वती नदी की सफाई और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की समीक्षा की गई. बैठक में नगर निगम की अर्बन चैलेंज फंड परियोजना के तहत चार स्थानों पर टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव है. उक्त प्लांटों से उपचारित पानी का इस्तेमाल उद्यानों की सिंचाई, सड़क धुलाई, निर्माण कार्य, सीवर सफाई और धूल नियंत्रण जैसे कामों में किया जा सकेगा.

सरकारी भवनों, अस्पतालों, एयरपोर्ट, मेट्रो और औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रीटेड पानी का उपयोग करने की योजना है. नगर निगम द्वारा ‘जल ही अमृत’ परियोजना के तहत स्कीम नंबर 78 में 30 लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक और कबिटखेड़ी एसटीपी परिसर में 15 लाख लीटर क्षमता का ग्राउंड स्टोरेज रिजर्वायर बनाने का प्रस्ताव किया है. इसके साथ ही पंपिंग व्यवस्था और वितरण पाइपलाइन डाली जाएगी. इन कार्यों की अनुमानित लागत जीएसटी सहित 21.59 करोड़ रुपए है.

परियोजना दस्तावेज में नेटवर्क की डिजाइन लंबाई 41.36 किमी और विभिन्न चरणों में 29.27 किमी का उल्लेख है. प्रस्तावित नेटवर्क से निपानिया, बॉम्बे हॉस्पिटल क्षेत्र, महालक्ष्मी नगर, देवास नाका और न्यू लोहा मंडी सहित चिन्हित इलाकों तक उपचारित पानी पहुंचाने की योजना है. योजना में निगम के 133 उद्यानों को उपचारित पानी से जोड़ने का लक्ष्य है. इनमें 23 मौजूदा और 110 नए उद्यान शामिल हैं. इसके अलावा 30 हाइड्रेंट स्थापित करने का भी प्रस्ताव है. बैठक में जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा, पार्षद योगेश गेंदर, अपर आयुक्त आशीष कुमार पाठक सहित विभागीय अधिकारी और इंजीनियर मौजूद थे.

निम्न स्थानों पर बनेंगे ट्रिशियरी ट्रीटमेंट प्लांट
– सांवेर औद्योगिक क्षेत्रः 3 एमएलडी
– कनाड़ियाः 8 एमएलडी
– टिगरिया बादशाह तालाबः 9 एमएलडी
– कबिटखेड़ी के 245 एमएलडी एसटीपी परिसर मेंः 10 एमएलडी

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