मेक्सिको सिटी, 23 फरवरी (वार्ता) पश्चिमी मेक्सिको में देश के सर्वाधिक वांछित ड्रग माफिया नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ ‘एल मेंचो’ को अमेरिकी खुफिया विभाग और स्थानीय सुरक्षा बलों के एक अभियान के दौरान मार दिये जाने के बाद सोमवार को हिंसा फैल गयी।
ओसेगुएरा ताकतवर जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (सीजेएनजी) का सरगना था। मेक्सिकन सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में वह घायल हो गया था। बताया जा रहा है कि इलाज के लिए विमान से ले जाते समय उसकी मौत हो गयी। इस अभियान के दौरान कम से कम छह अन्य लोग मारे गये और सुरक्षा बल के कई सदस्य घायल हुए।
यह झड़प रविवार को जलिस्को राज्य के एक शहर तपाल्पा में हुई। मेक्सिको के रक्षा विभाग के मुताबिक, इस टकराव के दौरान सीजेएनजी के चार सदस्य मारे गये और सेना के तीन जवान घायल हो गये।
कई राज्यों में सोमवार को विद्यालय बंद कर दिये गये। मेक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में देश के सुरक्षा बलों की तारीफ की और शांति बनाये रखने की अपील की।
उन्होंने लिखा, “सभी राज्य सरकारों के साथ पूरा तालमेल है। देश के ज्यादातर इलाकों में पूरी तरह सामान्य रूप से काम-हो रहा है।”
कार्टेल सरगना की मौत के बाद कम से कम एक दर्जन राज्यों में तेजी से हिंसा फैल गयी। इसमें पश्चिमी राज्य जलिस्को भी शामिल है। खबर है कि सीजेएनजी के सदस्यों ने जलती गाड़ियों से राजमार्ग जाम कर दिया और जलिस्को एवं आस-पास के इलाकों के कुछ हिस्सों में अधिकारियों पर गोलीबारी की।
यह हिंसा मेक्सिको के प्रशांत तट पर स्थित मशहूर सैलानी स्थल प्यूर्टो वालार्टा तक फैल गयी। सोमवार दोपहर को ज्यादातर सड़कें सुनसान रहीं, क्योंकि कारोबार बंद हो गये थे और ऐप-आधारित सवारी सेवा रोक दी गयी थीं।
झड़पें संघीय एजेंसियों और हथियारबंद गिरोह के सदस्यों के बीच शुरू हुईं। अधिकारियों ने बताया कि हथियारबंद गिरोह सड़कों को जाम करने के लिए गाड़ियों में आग लगा रहे थे, जिससे पूरे पश्चिमी मेक्सिको में सुरक्षा चेतावनी जारी कर दी गयी। बंदूकधारियों ने जलिस्को, कोलिमा, मिचोआकन, नायरिट, गुआनाजुआतो और तमाउलिपास सहित आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों में कारों में आग लगा दी और राजमार्ग जाम कर दिया।
जलिस्को की राजधानी ग्वाडलहारा, जहां आगामी फीफा (फुटबॉल) विश्व कप के कई मैच आयोजित होने वाले हैं, वह रविवार रात वीरान शहर में तब्दील हो गयी।
कनाडा ने अपने नागरिकों से संघीय बल और आपराधिक गिरोह के बीच झड़पों के बाद प्यूर्टो वालार्टा में पनाह लेने की अपील की। कनाडा की विदेश मंत्री अनिता आनंद ने कहा कि लगभग 19,000 कनाडाई मेक्सिको में रहते हैं। इनमें जलिस्को राज्य में 4,500 से ज्यादा लोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कनाडा, मैक्सिको के जलिस्को राज्य में तेजी से बदलती और गंभीर सुरक्षा स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है, जिसमें ग्वाडलाहारा और प्यूर्टो वालार्टा के साथ-साथ उनके आस-पास के क्षेत्र भी शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा, “एक बड़े सुरक्षा अभियान के बाद हम हिंसा की खबरों से बहुत परेशान हैं। इसमें हथियारों से लैस झड़पें, सड़क जाम करना और कई इलाकों में गाड़ियों में आग लगाना शामिल है। हमें इस बात की जानकारी है कि स्थानीय अधिकारियों ने कुछ स्थानों पर (जहां हैं वहीं रहने का आदेश जारी किया हैं। स्थिति अब भी अस्थिर बनी हुई है।”
विदेश मंत्री ने एक ताजा यात्रा एडवाइजरी की घोषणा करते हुए कहा, “विदेश में कनाडाई लोगों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।” दूतावास के अधिकारी स्थानीय अधिकारियों के साथ करीबी संपर्क में हैं और इस इलाके में कनाडाई लोगों की मदद के लिए तैयार हैं।
प्यूर्टो वालार्टा का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी प्रभावित हुआ है। कनाडाई एयरलाइनों ने उड़ानें रद्द कर दी है। कुछ विमान बीच रास्ते से ही वापस लौट गये।
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में मेक्सिको के दूतावास के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में खुफिया मदद दी। अमेरिका ने पहले ओसेगुएरा को पकड़ने में मदद करने वाली जानकारी के लिए 15 मिलियन डॉलर का इनाम देने की पेशकश की थी, जबकि मेक्सिको के अधिकारियों ने करीब 20 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की थी।
वर्ष 2009 के आसपास स्थापित सीजेएनजी मेक्सिको के सबसे शक्तिशाली आपराधिक गिरोहों में से एक बन गया है, जो सैन्य-ग्रेड हथियार हथियारों, ड्रोन और विस्फोटकों का इस्तेमाल कर बड़े हमलों के लिए जाना जाता है। इस गिरोह पर अमेरिका में बड़ी मात्रा में फेंटानिल, कोकीन और मेथामफेटामाइन की तस्करी का आरोप है।
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने पहले चेतावनी दी थी कि कार्टेल नेताओं को निशाना बनाने से कभी-कभी अलग-अलग गिरोह बन सकते हैं और हिंसा फिर से शुरू हो सकती है।
कई प्रभावित राज्यों के निवासियों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गयी है, क्योंकि व्यवस्था बहाल करने में सुरक्षा बल लगे हैं। अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि आपातकालीन उपाय कब तक लागू रहेंगे। प्यूर्टो वालार्टा के उत्तर में रहने वाली एक कनाडाई पर्यटक नैन्सी सटन ने धमाकों और सायरन का हवाला देते हुए इस अफरा-तफरी को ‘बहुत अवास्तविक’ जैसा बताया। उन्होंने कहा, “लोग हमसे कहते रहे, ‘खतरा है, वापस जाओ।”
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है और हालात तेजी से बदल रहे हैं।
