नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में हुए प्रदर्शनों और चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई मंगलवार को 15 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष यह मामले सूचीबद्ध थे, लेकिन पीठ के एक न्यायमूर्ति वी. मोहना के अस्वस्थ होने के कारण सुनवाई को टालना पड़ा। इस पर सभी पक्षों ने सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही न्यायालय ने प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान महिला पत्रकारों के साथ पुलिस दुर्व्यवहार के आरोपों पर जवाब देने के लिए दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा है।
उच्चतम न्यायालय ने ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ की एक नयी याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 16 को चुनौती दी गई है, जो चुनाव आयुक्तों को आधिकारिक कृत्यों के लिए कानूनी प्रतिरक्षा प्रदान करती है। इससे पूर्व, अपने 11 अक्टूबर के निर्देशों में न्यायालय ने आदेश दिया था कि निषेधाज्ञा वाले क्षेत्रों के बाहर शांतिपूर्ण और निहत्थे लोगों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए। इसमें अधिकारियों को सामान्य सार्वजनिक परिवहन और इंटरनेट सेवाओं को सुनिश्चित करने, ट्रैफिक नियमों के अधीन स्वतंत्र आवाजाही, वकीलों व पत्रकारों को पहुंच देने तथा बैरिकेड्स की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए थे।

