मुंबई, मुंबई के भांडुप इलाके की रहने वाली महज 12 साल की प्रतिभावान खिलाड़ी अदिति मांजरेकर ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम दर्ज करवाकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। अदिति ने ‘इनलाइन स्केट्स बैकवर्ड कैटेगरी’ (पीछे की तरफ स्केटिंग करने की स्पर्धा) में महज 17.96 सेकंड का रिकॉर्ड समय निकालकर 100 मीटर की दूरी तय की। कर्नाटक के बेलगाम में आयोजित आधिकारिक ट्रायल के दौरान अदिति ने यह ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया। एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली अदिति की इस अभूतपूर्व और शानदार उपलब्धि के बाद से ही उनके घर और खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।
प्रतिदिन ढाई घंटे की कड़ी मेहनत से पाई सफलता, पिछले तीन सालों में देश भर में जीत चुकी हैं 26 मेडल
अदिति के पिता प्रसाद मांजरेकर, जो मुंबई में एक छोटा सा कैफे चलाते हैं, उन्होंने अपनी बेटी की इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय उसकी अटूट लगन और सालों की कड़ी मेहनत को दिया है। शुरुआत में परिजनों को लगा था कि अभ्यास का कड़ा दौर देखकर अदिति पीछे हट जाएगी, लेकिन उसने हार मानने के बजाय हर दिन दो से ढाई घंटे लगातार स्केटिंग का कठिन अभ्यास किया। अपनी इसी लगन के बदौलत अदिति पिछले तीन सालों में विभिन्न राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में 26 से अधिक पदक जीत चुकी हैं। पिता का कहना है कि वे अपनी बेटी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करते देखने के लिए लगातार प्रोत्साहित करते रहेंगे।
माता-पिता और कोच के मार्गदर्शन को दिया सफलता का श्रेय, भविष्य में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का है लक्ष्य
इस विश्व रिकॉर्ड को अपने नाम करने के बाद अदिति मांजरेकर ने बेहद विनम्रता से अपनी इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपने स्केटिंग कोच के कड़े प्रशिक्षण को दिया है। अदिति ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बेलगाम में जब वे रिकॉर्ड की कोशिश कर रही थीं, तब उनके साथ परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, लेकिन उनके मन में देश का नाम ऊंचा करने का दृढ़ संकल्प था। भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए इस नन्हीं चैंपियन ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय तिरंगा लहराना और ओलंपिक तथा एशियाई खेलों में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।

