नई दिल्ली, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के उन सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जो 5 साल की लगातार सेवा पूरी होने से पहले अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा निकालने की योजना बना रहे हैं। ईपीएफओ के नए नियमों के मुताबिक, टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) से छूट का दावा करने के लिए अब आवेदकों को बिल्कुल नई प्रक्रिया का पालन करना होगा। टैक्स वर्ष 2026-27 से ईपीएफओ ने स्पष्ट कर दिया है कि पीएफ पर टीडीएस छूट पाने के लिए अब पुराने फॉर्म 15G और फॉर्म 15H स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके स्थान पर आवेदकों को इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत नया ‘फॉर्म 121’ ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत शून्य टैक्स देनदारी घोषित करने का वैधानिक जरिया बना फॉर्म 121, समय पर जमा करना होगा जरूरी
आयकर अधिनियम के सेक्शन 192A के तहत, यदि कोई कर्मचारी लगातार 5 वर्ष की सेवा पूरी किए बिना ईपीएफ से निकासी करता है, तो उसके भुगतान पर टीडीएस काटा जाता है। फॉर्म नंबर 121 इनकम टैक्स रूल्स, 2026 के तहत निर्धारित एक वैधानिक सेल्फ-डिक्लेरेशन (घोषणा पत्र) है। इसके माध्यम से कोई भी करदाता यह घोषित करता है कि संबंधित वित्त वर्ष के लिए उसकी अनुमानित कुल आय पर टैक्स देनदारी शून्य है। इसी घोषणा के आधार पर ईपीएफओ को भुगतान के समय टीडीएस न काटने की कानूनी अनुमति मिलती है। जानकारों की सलाह है कि कटौती से बचने के लिए निकासी क्लेम करने से पहले ही इस फॉर्म को समय पर जमा कर देना चाहिए।
इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरें फॉर्म 121, जानिए क्लेम दर्ज करने की पूरी डिजिटल प्रक्रिया
फॉर्म 121 दाखिल करने के लिए टैक्सपेयर्स को सबसे पहले आयकर विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद ‘e-File’ मेन्यू में जाकर ‘Income Tax Forms’ विकल्प चुनना होगा, जहां ‘Deduction and Collection at Source’ श्रेणी के अंतर्गत ‘Form 121’ का चयन करके ‘File Now’ पर क्लिक करना होगा। फॉर्म में लागू टैक्स वर्ष, तिमाही और भुगतानकर्ता तथा घोषणाकर्ता का पूरा ब्योरा दर्ज करके सत्यापन (Verification) करना होगा। यदि कोई सदस्य समय पर फॉर्म 121 जमा नहीं करता है, तो नियम अनुसार उसके पीएफ क्लेम पर तय दर से टीडीएस काट लिया जाएगा, जिससे बाद में रिफंड की लंबी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।

