
देवास। शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर से हो रहा है। इसके साथ ही देवास की प्रसिद्ध माता टेकरी पर नौ दिनों तक आस्था का सैलाब उमड़ेगा। इसके लिए जोरशोर से तैयारी की गई है। मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी के दर्शन के लिए देवास के अलावा इंदौर, उज्जैन, शाजापुर सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। नवरात्रि के पहले दिन रविवार होने से दर्शनार्थियों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली हैं।
शहर के मध्य स्थित माता टेकरी प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां विराजित मां तुलजा भवानी को बड़ी माता और मां चामुंडा को छोटी माता के रूप में पूजा जाता है। दोनों मंदिरों में दर्शन के लिए सामान्य दिनों में भी श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की आवाजाही कई गुना बढ़ जाती है। इस बार नवरात्रि का प्रथम दिवस रविवार को आ रहा है, इसलिए आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने का अनुमान है। शनिवार रात से ही दर्शनार्थियों की चहल-पहल बढ़ने लगी है।
दोनों मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचेंगे भक्त
नवरात्रि में माता टेकरी पर स्थित दोनों मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगती हैं। धार्मिक मान्यताओं के चलते बड़ी संख्या में भक्त यहां मनोकामना लेकर पहुंचते हैं। संतान प्राप्ति की कामना से मां चामुंडा को पान का बीड़ा अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है। नवरात्रि के दौरान इन मान्यताओं के चलते मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है।
पैदल मार्ग के साथ रोप-वे भी विकल्प
माता टेकरी तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु सीढ़ियों और ढलाऊ मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा रोप-वे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे पैदल चढ़ने में असुविधा महसूस करने वाले श्रद्धालु मंदिर तक पहुंच सकते हैं। नवरात्रि में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए पहुंच मार्गों पर आकर्षक लाइटिंग के साथ रंग-बिरंगे ध्वज लगाए गए हैं। करीब 300 फीट ऊंची टेकरी से देवास शहर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। मां के दर्शन के साथ श्रद्धालु यहां के प्राकृतिक वातावरण का भी अनुभव करते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में माता टेकरी पर धार्मिक गतिविधियां बढ़ेंगी और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में नजर आएगा। पहले दिन रविवार को आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ नवरात्रि की शुरुआत होगी। मां चामुंडा महारानी की मंगला आरती प्रातः 5:25 बजे, मां तुलजा भवानी की आरती 5:50 बजे, श्री हनुमानजी महाराज की आरती 6:10 बजे तथा मां कालिका की आरती प्रातः 6:30 बजे होगी।
प्राचीनकाल से विराजमान हैं मातारानी
मां चामुंडा मंदिर के सतीश पुजारी ने बताया, माता टेकरी पर मातारानी की उपस्थिति आदिकाल से मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि सती के अंग जहां-जहां गिरे, वहां शक्तिपीठों की स्थापना हुई, जबकि रक्त गिरने वाले स्थानों पर मां चामुंडा का प्राकट्य माना जाता है। मान्यता के अनुसार, मां चामुंडा के मुखमंडल के भाव सुबह बाल स्वरूप, दोपहर में युवावस्था और शाम को वृद्धावस्था का आभास कराते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि माता टेकरी पर मां का दरबार राजा विक्रमादित्य के काल से भी पहले से विद्यमान हैं।
