नर्मदा तटों पर उमड़ा सैलाब, सड़कोंं पर जाम

रेहटी/बुधनी। पितृमोक्ष अमावस्या पर शनिवार को नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. बुधनी, आंवलीघाट, नीलकंठ सहित जिले के प्रमुख घाटों पर शुक्रवार रात से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. रातभर घाटों पर भजन-कीर्तन होते रहे और शनिवार को ब्रह्म मुहूर्त से नर्मदा स्नान, तर्पण और पिंडदान का क्रम शुरू हो गया. सुबह होते-होते श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे के साथ ही घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया. आंवलीघाट, नीलकंठ सहित अन्य मार्गों पर जाम के हालात बनते रहे और श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा.

शनिवार को पितृमोक्ष अमावस्या पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु निजी वाहनों से नर्मदा स्नान के लिए पहुंचे. इसके चलते घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई. आंवलीघाट और नीलकंठ सहित अन्य रास्तों पर वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनती रही. स्नान के लिए आने वाले व लौटने वाले वाहनों से आवागमन प्रभावित हुआ. श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. श्रद्धालुओं का घाटों पर पहुंचना शुक्रवार रात से ही शुरू हो गया था. रातभर नर्मदा तटों पर भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा. शनिवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं ने नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद पूर्वजों की आत्मशांति के लिए तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य किया.

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर रहा दबाव

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए घाटों पर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन महत्वपूर्ण रहा. नर्मदा तटों पर स्नान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के साथ वाहनों की आवाजाही और पार्किंग को व्यवस्थित रखना चुनौतीपूर्ण रहा. हालांकि, यातायात और सुरक्षा के लिए प्रशासनिक इंतजाम किए जाने की जानकारी है, लेकिन प्रमुख मार्गों पर वाहनों की अधिकता के कारण जाम की स्थिति बनती रही. ऐसे में श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के लिए घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था की अहमियत सामने आई.

हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

शारदीय नवरात्र का शुभारंभ रविवार से होगा. इस बार नवरात्र पूरे नौ दिन के रहेंगे. ज्योतिष पद्मभूषण एवं स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित गणेश शर्मा के अनुसार, इस वर्ष नवरात्र की शुरुआत चित्रा नक्षत्र में हो रही है. श्रीमद् देवी भागवत की मान्यता के अनुसार, रविवार को नवरात्र आरंभ होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी माना जाता है. धार्मिक मान्यता में हाथी पर सवार होकर माता के आगमन को सुख-समृद्धि, आर्थिक प्रगति और कल्याण का प्रतीक माना गया है. पंडित शर्मा ने बताया कि नवरात्र के आरंभ वाले दिन के वार के आधार पर माता के वाहन का निर्धारण किया जाता है. पंडित शर्मा ने बताया14 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि पर अमृत सिद्धि योग बनेगा.वहीं, 18 अक्टूबर को सप्तमी और 19 अक्टूबर को महाअष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इन तिथियों पर रवियोग का संयोग भी बताया गया है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ योगों में देवी आराधना और साधना के साथ भूमि, भवन, संपत्ति, वाहन, आभूषण और वस्त्रों की खरीदारी जैसे कार्य भी किए जा सकते हैं.

 

 

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