इंदौर: नवरात्रि में गरबा और डांडिया का उत्साह युवतियों में देखने को मिल रहा है. शहर के मदन महल में पिछले 20 वर्षों से गरबा अभ्यास कराया जा रहा है. यहां करीब 550 युवतियां गरबा सीखने के लिए पहुंच रही हैं. खास बात यह है कि यहां गरबा सिखाने के लिए किसी भी युवती से शुल्क नहीं लिया जाता. सभी को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि अधिक से अधिक युवतियां पारंपरिक गरबा सीख सकें और नवरात्रि के दौरान होने वाले आयोजनों में हिस्सा ले सकें.
यहां गरबा अभ्यास के दौरान युवतियों को गरबा के अलग-अलग स्टेप्स, तालमेल और समूह में नृत्य करने का अभ्यास कराया जाता है. लंबे समय से चल रही इस परंपरा के कारण हर साल बड़ी संख्या में युवतियां यहां गरबा सीखने पहुंचती हैं. अभ्यास के दौरान सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाता है. आयोजन स्थल पर युवतियों के अलावा अन्य लोगों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती, जिससे वे सुरक्षित माहौल में बिना किसी परेशानी के अभ्यास कर सकें. 20 वर्षों से जारी यह पहल युवतियों को गरबा सिखाने के साथ ही उन्हें अपनी पारंपरिक संस्कृति से जोड़ने का काम भी कर रही है. निःशुल्क प्रशिक्षण और सुरक्षा व्यवस्था के कारण यहां बड़ी संख्या में युवतियां उत्साह के साथ गरबा अभ्यास में शामिल हो रही हैं. यह जानकारी छोटू मौर्य ने दी.
