नवी पिल्लई को नोबेल मिलने पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कहा- “दुनिया के 8 युद्ध रोकने के लिए मुझे मिलने चाहिए थे नोबेल पुरस्कार”

वाशिंगटन,  दक्षिण अफ्रीकी मूल की भारतीय न्यायविद् नवी पिल्लई को वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्वे की नोबेल कमेटी पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने नोबेल कमेटी के फैसले पर कड़े सवाल उठाए और कहा कि दुनिया भर के कई बड़े युद्धों और विवादों को सुलझाने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका के लिए असल में वह खुद इस वैश्विक सम्मान के असली हकदार थे। ट्रंप ने पिल्लई की योग्यताओं को खारिज करते हुए उन पर इजरायल-विरोधी होने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 8 बड़े युद्धों को शांत कराया है, इसलिए उन्हें एक नहीं बल्कि 8 नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे।

ट्रंप ने कंबोडिया से लेकर भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम तक के 8 युद्ध सुलझाने का किया दावा, पीएम शहबाज शरीफ ने दिया समर्थन

अपने बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने उन 8 अंतरराष्ट्रीय संघर्षों की पूरी सूची साझा की, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह शांत कराने का दावा किया है। इनमें कंबोडिया-थाईलैंड, कोसोवो-सर्बिया, इजरायल-हमास और भारत-पाकिस्तान के बीच का तनाव शामिल है। ट्रंप के इस दावे का समर्थन करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप का नाम नामांकित किया था। हालांकि, भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के मध्यस्थता वाले दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय अधिकारियों ने साफ किया कि मई में पाकिस्तान के साथ हुआ सीजफायर पूरी तरह द्विपक्षीय बातचीत और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तानी डीजीएमओ (DGMO) की अपील पर हुआ था, जिसमें किसी भी बाहरी मध्यस्थता की कोई भूमिका नहीं थी।

नोबेल कमेटी ने नवी पिल्लई के चयन को ठहराया सही, युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए योगदान को बताया अभूतपूर्व

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा उठाए गए सवालों और तीखी आलोचनाओं के बावजूद नॉर्वे की नोबेल कमेटी ने नवी पिल्लई को नोबेल शांति पुरस्कार देने के अपने फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है। कमेटी ने कहा कि पिल्लई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ हुए अपराधों और नरसंहार के मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने और वैश्विक कानूनी व्यवस्था को मजबूत करने में असाधारण साहस का परिचय दिया है। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल कोर्ट (ICC) को लेकर भी अमेरिका का रुख सख्त बना हुआ है। इस पूरे वैश्विक राजनीतिक घमासान के बीच नोबेल कमेटी ने स्पष्ट किया है कि पिल्लई का मानवाधिकारों के क्षेत्र में दिया गया योगदान अद्वितीय है और यह पुरस्कार उनके दशकों के संघर्ष का सम्मान है।

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