सतना : जिला चिकित्सालय परिसर में नैदानिक केंद्र के ओपीडी रजिस्ट्रेशन कक्ष में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब मरीज के एक परिजन ने वहां पर तोडफ़ोड़ शुरु कर दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन द्वारा सिटी कोतवाली थाना प्रभारी को पत्र लिखकर प्रकरण दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है.
जिला चिकित्सालय के नैदानिक केंद्र के ओपीडी रजिस्ट्र्रेशन कक्ष के बाहर हर रोज की तरह शुक्रवार को भी मरीज और परिजनों की लंबी लाइन लगी हुई थी. जहां पर आभा आईडी से लेकर आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट कार्ड बनाने से संबंधित कार्य को लेकर भी काफी भीड़ थी. दोपहर के लगभग 1:45 बजे एक मरीज के परिजन से कक्ष में मौजूद कर्मचारियों के बीच बहस होने लगी. बहस देखते ही देखते गाली गलौच पर पहुंच गई.
इसी दौरान गुस्साए परिजन ने कक्ष में तोड़ फोड़ शुरु कर दी. जिसके बाद परिजन वहां से बाहर निकल गया. कर्मचारियों के अनुसार तोडफ़ोड़ के चलते कक्ष का शीशा सहित वहां पर मौजूद उपकरणों को क्षति पहुंची. लामबंद कर्मचारियों ने घटना की जानकारी सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह को दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डा. सिंह द्वारा सिटी कोतवाली थाना प्रभारी को पत्र लिखकर तोड़ फोड़ करने वाले अटेंडर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया.
पंजीयन के लिए मांगे 50 रु
वहीं मरीज के मामा रुपेश कुमार मिश्रा द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत की गईं. जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि शुक्रवार की सुबह साढ़े 10 बजे पंजीयन कक्ष के बाहर लाइन में लग गए थे. लेकिन इसके बावजूद भी दोपहर पौने 2 बजे तक उनका नंबर नहीं आया. जबकि इस दौरान कई लोगों से पैसा लेकर बिना सर्वर के रजिस्ट्रेशन कर दिया गया. जब इसे लेकर आपत्ति जताई गई तो कक्ष के कर्मचारियों ने उनसे भी 50 रु मांगे. कर्मचारियों ने सीधे कहा कि 50 रु देने पर काम तुरंत हो जाएगा अन्यथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मुकदमा करा दिया जाएगा
