इंदौर. नगर निगम द्वारा इस साल बारिश कम होने और जलसंकट से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इसके तहत शहर से गुजर रही नर्मदा लिंक योजनाओं से पानी की पूर्ति की जाएगी. साथ ही शहर में कॉलोनियों मोहल्लों में चालू निजी बोरिंगों से भी रहवासियों को पानी देने का निर्णय करने पर विचार किया जा रहा है. खास बात यह है कि शहर में फालतू पानी बहाने और गाड़ी धोने पर भी सख्ती के साथ प्रतिबंध लगाने की तैयारी है.
इस साल इंदौर में 45 प्रतिशत बारिश कम हुई है. कुल बारिश सिर्फ 23 इंच हुई है, जो मानसून बारिश से 18 इंच कम है. सामान्य बारिश के 35 इंच से भी 13 इंच बारिश कम हुई है. इस साल बारिश कम होने के कारण नगर निगम द्वारा शहर में जलसंकट की स्थिति आंकलन किया जा रहा है. कम बारिश के कारण शहर के अधिकांश तालाब खाली पड़े है, जिसमें पश्चिम क्षेत्र में पानी सप्लाई का मुख्य स्रोत यशवंत सागर एवं दक्षिण क्षेत्र में बिलावली तालाब खाली पड़े है. माना जा रहा है कि दिवाली बाद शहर में जलसंकट तेजी से गहराएगा. जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन, नगर निगम और महापौर लगातार मंथन कर रहे हैं. नगर निगम द्वारा लगातार नर्मदा जल आपूर्ति और टंकियों के भराव का आंकलन किया जा रहा है. बैठकों में लगातार आने वाले दिनों में शहर को पानी की पूर्ति करने एवं पानी बर्बादी रोकने पर कुछ सख्त नियम और कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है. इसका उद्देश्य सिर्फ जलसंकट के दौरान पानी की पूर्ति करना है. सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि नगर निगम द्वारा नर्मदा गंभीर लिंक योजना से यशवंत सागर में पानी भरने का निर्णय लिया जा सकता है. वहीं दूसरी ओर क्षिप्रा नर्मदा लिंक योजना से शहर के पूर्वी क्षेत्र को पानी की पूर्ति की जा सकती है. इसके अलावा शहर में नर्मदा लाइन से टंकियों को पूरी क्षमता से भरना और जल वितरण की मॉनिटरिंग करने का निर्णय लिया गया है. वहीं शहर की कॉलोनियों और मोहल्लों में चालू निजी बोरिंगों से भी रहवासियों एवं जनता को पानी पानी सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए निजी बोरिंगों को आसपास के रहवासियों को पानी देने के लिए लिए बोरिंग से एक नल बाहर की तरफ निकालने के आदेश दिए जाएंगे.
गरबा पंडालों में लगाएंगे जागरूकता पोस्टर
नगर निगम कल से शुरू हो रहे नवरात्रि पर्व में जन जागरूकता के लिए सभी गरबा पंडालों में जल संरक्षण कर पोस्टर ओर पानी बचाने की मुहिम शुरू की जाएगी. सबसे खास बात यह है कि शहर में कार ,बाइक, दो पहिया सहित सब्ज वाहनों को धोने पर प्रतिबंध और जुर्माना लगाने का निर्णय लिया जा सकता है.
जलसंकट को लेकर निगम की मुख्य योजना
– नर्मदा गंभीर लिंक योजना से यशवंत सागर तालाब भरना
– नर्मदा शिप्रा लिंक योजना से पूर्वी क्षेत्र को पानी देना
– निजी बोरिंगों से रहवासियों को पानी सप्लाई
– शहर में सभी गाड़ियों के धोने पर प्रतिबंध और जुर्माना लगाना
– नर्मदा तीनों चरणों से टंकियों को पूरी क्षमता से भरना और जल वितरण की मॉनिटरिंग करना
