हर 10 मिनट में बिजली ट्रिपिंग, रातभर अंधेरे में गांव; ग्रामीणों में आक्रोश

सिंगोली। नीमच जिले के सिंगोली, झांतला, धारडी, कदवासा, कोज्या और परलाई सहित आदिवासी अंचल के दर्जनों गांवों में बिजली की घोषित और अघोषित कटौती से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली बार-बार ट्रिप होने और रात के समय घंटों आपूर्ति बंद रहने से घरेलू कामकाज से लेकर खेती-किसानी तक प्रभावित हो रही है। रबी सीजन की शुरुआत के बीच बिजली आपूर्ति की इस स्थिति को लेकर किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्रामीणों के अनुसार कई गांवों में हर 10 मिनट में बिजली ट्रिप होने की समस्या सामने आ रही है। रात के समय बिजली गुल रहने से लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण घरों में जरूरी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं, वहीं किसानों को भी खेती संबंधी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मोबाइल की रोशनी में खाना बनाने को मजबूर गृहणियां

कदवासा के वरिष्ठ पत्रकार जगदीश चौहान ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसान और मजदूर दिनभर खेतों में मेहनत करने के बाद शाम को घर लौटते हैं, लेकिन उस समय गांवों में बिजली नहीं रहने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार गृहणियों को मोबाइल की फ्लैशलाइट या मोमबत्ती की रोशनी में भोजन तैयार करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बिजली आपूर्ति जरूरी है, लेकिन बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। विभाग को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

रात में अंधेरे से जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा

ग्राम परलाई के पूर्व सरपंच प्रकाश धाकड़ ने भी बिजली कटौती पर चिंता जताई। उनका कहना है कि रात के समय बिजली बंद रहने से घरेलू कामकाज प्रभावित होने के साथ ग्रामीण इलाकों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या से बिजली विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।

आत्मनिर्भर बिजली के दावों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

बिजली कटौती को लेकर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष मनीष जैन ने प्रदेश सरकार और स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे करती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली ट्रिप होने से उपभोक्ता परेशान हैं।

जैन ने सवाल उठाया कि यदि जावद विधानसभा क्षेत्र बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो चुका है, जैसा कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों द्वारा दावा किया जाता है, तो ग्रामीणों को नियमित बिजली क्यों नहीं मिल रही है? उन्होंने इसे सरकार के दावों और जमीनी स्थिति के बीच अंतर बताते हुए बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग की।

सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर रबी फसलों की तैयारी और सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं को भी नियमित आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। बार-बार बिजली गुल होने से किसान, व्यापारी और आम नागरिक सभी प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से सिंगोली-झांतला-धारडी-कदवासा सहित आसपास के गांवों में ट्रिपिंग की समस्या दूर करने और शाम के समय नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो किसान और आम नागरिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

फिलहाल ग्रामीणों को बिजली व्यवस्था में सुधार का इंतजार है। अब देखना होगा कि बिजली विभाग इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।

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