नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर (वार्ता) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के महत्वपूर्ण घटक दल तेलुगु देशम पार्टी के मुखिया और आन्ध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी , केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वाणिज्य तथा उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर राज्य के विकास से संबंधित परियोजनाओं के बारे में चर्चा की।
श्री नायडू के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इन मुलाकातों के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान सरकार के प्रमुख के रूप में श्री मोदी के 25 वर्षों की यात्रा पूरी करने पर शुभकामनाएं दीं और देश सेवा में दुर्लभ उपलब्धि हासिल करने वाले प्रधानमंत्री की सेवाओं की सराहना की।
श्री नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में प्रेरणादायक नेतृत्व दिखाया और अनुशासन तथा प्रतिबद्धता के साथ देश की सेवा की। उन्होंने दूरदृष्टि, स्पष्ट लक्ष्य, दृढ़ निर्णयों और प्रभावी शासन के माध्यम से भारत को विश्व शक्ति बनाने के लिए प्रधानमंत्री की प्रशंसा की।
श्री गडकरी के साथ मुख्यमंत्री ने राजधानी अमरावती के लिए आउटर रिंग रोड के निर्माण में पूर्ण सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने ‘बीच रोड़’ परियोजना पर भी ध्यान देने का आग्रह किया, जिससे बेहतर संपर्क के साथ राज्य के तटीय क्षेत्रों के विकास में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीच रोड तटीय क्षेत्र के शहरों, पर्यटन क्षेत्रों, बंदरगाहों और औद्योगिक केंद्रों के बीच बेहतर संपर्क उपलब्ध कराएगा। उन्होंने पोलावरम परियोजना में बाएं और दाएं किनारे को जोड़ने वाले एक प्रतिष्ठित पुल के निर्माण में सहायता की अपील भी की।
श्री शाह के साथ बातचीत में उन्होंने राज्य से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों के समाधान का अनुरोध किया।
राज्य में बंदरगाह आधारित औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास में तेजी लाने के लिए श्री नायडू ने श्री गोयल से केंद्र सरकार के अधीन लगभग 20,378 हजार एकड़ नमक भूमि को राज्य को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया।
उन्होंने वाणिज्य विभाग से वाणिज्यिक फसलों के लिए बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग देने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की मिर्च, तंबाकू, जलीय कृषि उत्पादों और अन्य वाणिज्यिक फसलों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग है। उन्होंने इन उत्पादों के निर्यात के लिए जरूरी बाजार संपर्क, बुनियादी ढांचे, गुणवत्ता मानकों और प्रसंस्करण सुविधाओं को मजबूत करने में केंद्र के सहयोग का अनुरोध किया।
