इंडिया गठबंधन के नेताओं का राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन 

नई दिल्ली, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन में कथित अनियमितताओं के खिलाफ लगातार तीसरे दिन भी विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा. इंडिया गठबंधन के नेताओं को ऐतिहासिक महात्मा गांधी स्मारक यानी राजघाट पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करने दिया.

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दूसरे दिन भी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित मोएट्स रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों और नेताओं के लिए दोपहर के भोजन का आयोजन किया था. हालांकि इस लंच की खबर लगते ही दिल्ली पुलिस द्वारा एहतियातन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि पिछले दिनों की तरह यदि विपक्षी सांसदों का समूह निर्वाचन सदन की ओर जाने का प्रयास करें तो उन्हें तत्काल रोका जा सके.

लगातार दूसरे दिन आयोजित हुए इस लंच डिप्लोमेसी में विपक्षी दलों ने आपसी एकजुटता दिखाई. पिछले दिनों के प्रदर्शनों से दूरी बनाए रहने वाली समाजवादी पार्टी ने भी इस बार अपने प्रतिनिधि भेजे. इसके साथ ही शिव सेना उद्धव और एनसीपी शरद पवार जैसी पार्टियां भी साझा रणनीति का हिस्सा बनीं. लंच के दौरान सभी नेताओं ने चुनाव आयोग के रवैये और सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की रणनीति बनाई. भोजन के बाद लोकतंत्र बचाओ और वोट चोरी के आरोपों के पोस्टर-बैनर थामे सभी विपक्षी सांसद और नेता एकजुट होकर बसों में सवार हुए और राजघाट की ओर कूच कर दिया.

इस विरोध प्रदर्शन में मल्लिकार्जुन खड़गे,राहुल गांधी, अभिषेक बनर्जी समेत विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. बसों में सवार इन नेताओं के साथ भारी संख्या में कांग्रेस, भारतीय युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे. नेताओं के राजघाट पहुंचने से पहले ही दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था. राजघाट के सभी प्रवेश द्वारों पर भारी सुरक्षा बल तैनात करते हुए मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई थी. प्रदर्शनकारी नेताओं को पहले रोकने का प्रयास हुआ उसके बाद कुछ नेताओं को राजघाट जाने की इजाजत दी गई. खड़गे, राहुल, प्रियंका समेत विभिन्न नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधी स्थल पर पुष्प अर्पित कर परिक्रमा की. इसके बाद राजघाट की व्यवस्था के तहत उन्हें शाम 6 बजे तक उसे खाली करना पड़ा.

नेताओं के बयान

राजघाट की तरफ मार्च करने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ किया कि विपक्षी दलों के सांसद गांधी स्मारक पर जाकर पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से बैठेंगे. खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे बापू के स्मारक पर जाकर ईश्वर से प्रार्थना करेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सरकार को सुबुद्धि मिले. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश के युवाओं के भविष्य, बढ़ती महंगाई और सबसे बढ़कर वोट चोरी जैसी हरकतों से देश का नुकसान कर रही है और बापू ने जिस देश को आजादी दिलाई थी, वर्तमान सरकार उसकी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है.

राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना चाहते हैं. लेकिन हमें पिछले दो दिनों से लगातार प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है. पहले दिन हमें चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर रोका गया और कल जब हम जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से बैठे थे, तो वहां भी पुलिस ने बल प्रयोग किया और हमारे लोगों के साथ मारपीट की गई.

केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि असलियत यह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत ने एक आपराधिक साजिश के तहत पूरे भारत को हाईजैक कर लिया है. इन लोगों ने मिलकर देश के संविधान को नष्ट कर दिया है और जनता के वोटों की चोरी की है.

अपने बयान के अंत में देश की जनता और समर्थकों को भरोसा दिलाते हुए राहुल ने कहा कि हम विपक्ष की तरफ से देश को यह भरोसा दिलाते हैं कि इस आपराधिक साजिश में शामिल इन लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इन्हें हर हाल में कानून के कठघरे में लाया जाएगा और न्याय किया जाएगा.

राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी 

इंडिया गठबंधन के सांसदों ने पूर्व निर्धारित योजना के तहत दो से आठ अक्टूबर तक धरना प्रदर्शन करने के बाद शुक्रवार यानी 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय मांगा है. इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो चुनाव आयोग जाकर सभी चुनाव आयुक्तों से मिलने के लिए लगभग तीन सौ सांसदों द्वारा जो पत्र तैयार किया है उसे समय सुनिश्चित कराने के लिए निर्वाचन सदन भेज दिया गया है. लेकिन अभी तक चुनाव आयोग की ओर इस संबंध में कोई जवाबी जानकारी नहीं दी गई है.

भाजपा का पलटवार 

विपक्ष के इस आक्रामक रुख पर भाजपा ने पलटवार किया है. भाजपा ने एक वीडियो जारी करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर ऑन-ड्यूटी महिला पुलिसकर्मियों के साथ गंभीर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है.

भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक व प्रवक्ता सिद्धार्थ यादव और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक वीडियो के आधार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व‌ प्रियंका गांधी ने ऑन-ड्यूटी तैनात एक महिला पुलिस कांस्टेबल के साथ धक्का-मुक्की की . हालांकि विपक्षी खेमे ने भाजपा के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की साजिश करार दिया है. विपक्षी नेताओं का कहना है कि पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और महिला नेताओं को रोकने तथा उनके साथ जोर-जबरदस्ती करने के लिए किया गया. विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ उनका राष्ट्रव्यापी आंदोलन आगे भी जारी रहेगा. भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और समूचे विपक्ष पर दिल्ली में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाकर विपक्ष देश के नागरिकों को गुमराह करने और व्यवस्था में व्यवधान डालने का प्रयास कर रहा है.

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