ईरान ने परमाणु उद्योग की गतिविधियां नहीं रोकी हैं: इस्लामी

बाकू, 08 अक्टूबर (वार्ता) ईरान ने अपने परमाणु उद्योग की गतिविधियां बंद नहीं की हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति और परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने बुधवार को यह बात कही। एईओआई के अनुसार, श्री इस्लामी ने तेहरान में बाल कैंसर के निदान एवं उपचार केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर कहा, “ईरान के परमाणु उद्योग पर दबाव, प्रतिबंध, धमकियां और हमले किए जा रहे हैं, लेकिन ईरान अपने विकास को बनाए रखने में सफल रहा है।”

उन्होंने कहा कि एईओआई में स्वास्थ्य सेवा और खाद्य सुरक्षा को ईरान के विकास के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं के रूप में देखा जाता है। तमाम दबावों और प्रतिबंधों के बावजूद संगठन अपने विकास कार्यों को जारी रखे हुए है।
श्री इस्लामी ने कहा कि दबाव के साथ-साथ ईरान के खिलाफ आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप लगाने वाले भी जानते हैं कि ये वास्तविकता को प्रतिबिंबित नहीं करते। इसके बावजूद ईरान के परमाणु उद्योग के कर्मचारी अपने दायित्वों का उचित तरीके से निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “वर्तमान में ईरान के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के साथ हुए समझौते के तहत 78 प्रकार के उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि 20 से अधिक अन्य उत्पाद अनुसंधान के चरण में हैं।”
श्री इस्लामी ने कहा कि ईरान उपचार के क्षेत्र में अल्फा-उत्सर्जक रेडियोफार्मास्यूटिकल्स पेश करने वाले दुनिया के शुरुआती देशों में शामिल है।

उन्होंने कहा, “यह ऐसी उपलब्धि है जिस पर ईरान के परमाणु उद्योग के विशेषज्ञ और चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवर गर्व कर सकते हैं। अल्फा-उत्सर्जक रेडियोफार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में ईरान का परमाणु उद्योग अमेरिका के साथ भी प्रतिस्पर्धा कर सकता है। यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल की गई है जब देश विभिन्न खतरों का सामना कर रहा है।”
एईओआई प्रमुख ने कहा कि संगठन की गतिविधियों का एक प्रमुख क्षेत्र खाद्य एवं कृषि उत्पाद भी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ईरान में सालाना होने वाले लगभग 13 करोड़ टन कृषि उत्पादन का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा बर्बाद हो जाता है।उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों को प्रभावित करने वाले कुछ कीटों और बीमारियों को समाप्त नहीं किया जा पाता, जिससे न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि देश के संसाधनों की भी बर्बादी होती है।

श्री इस्लामी के अनुसार, वर्ष 2021 में ईरान में चार गामा विकिरण केंद्र संचालित हो रहे थे। इसके बाद इनकी संख्या बढ़ी है और चालू ईरानी वर्ष के अंत तक, यानी 20 मार्च 2027 तक, इनकी संख्या बढ़कर 20 होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल खाद्य उत्पादों से विषैले पदार्थों और दूषित तत्वों को हटाने के लिए किया जाता है।

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