ओंकारेश्वर की प्राचीन धरोहर खतरे में, कांग्रेस ने प्रशासन पर लगाया आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप

ओंकारेश्वर। पवित्र तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के ॐकार पर्वत के अस्तित्व पर खतरा मंडराने का आरोप लगा है। ब्रह्मपुरी, विष्णुपुरी और शिवपुरी तीन टापुओं के बीच बहने वाली मां नर्मदा और ॐ आकार के पर्वत को सनातन धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है।

आरोप है कि विकास के नाम पर आईसीसी निर्माण के लिए हरे-भरे वृक्षों को काटा जा रहा है और प्राचीन चट्टानों को तोड़ा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है। 7 किलोमीटर की परिक्रमा वाले इस पर्वत को लेकर सनातन धर्म प्रेमियों, अधिवक्ता संघ इंदौर और कांग्रेस ने विरोध जताया है।

कांग्रेस ने प्रशासन पर प्राचीन धरोहर को नष्ट करने और आस्था पर आघात पहुंचाने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि वृक्ष काटने की अनुमति शासन से ली गई है। एक तरफ वृक्षारोपण कर पर्यावरण बचाने की बात और दूसरी तरफ पेड़ काटने की अनुमति चर्चा का विषय बनी है।

Next Post

गुरदीप मेहंदी ने 'मावड़ी' से गुजराती डाकला को दिया नया अंदाज

Tue Oct 6 , 2026
मुंबई, 06 अक्टूबर (वार्ता) पंजाबी गायक एवं मंच कलाकार गुरदीप मेहंदी ने नवरात्रि के अवसर पर गुजराती गीत ‘मावड़ी’ के जरिए पारंपरिक डाकला शैली को नए अंदाज में पेश किया है। सारेगामा द्वारा प्रस्तुत यह गीत नवरात्रि के उत्सवी माहौल और आधुनिक संगीत का आकर्षक मेल है। पंजाबी संगीत गुरदीप […]

You May Like