सतना : धार्मिक नगरी चित्रकूट में आगामी 6 नवंबर से 10 नवंबर तक आयोजित होने वाले दीपावली मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं. देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई. जिसमें पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे. कलेक्टर ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि समय रहते चाक-चौबंद व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.
मेले के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए ड्रॉप गेट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था दुरुस्त रहेगी. यातायात प्रबंधन के तहत 13 स्थानों पर लगभग 145 एकड़ क्षेत्र में पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे जहां पेयजल, टेंट और प्रकाश की पुख्ता व्यवस्था होगी. जबकि ऑटो रिक्शा व अन्य वाहनों के लिए कलर-कोडेड पास जारी किए जाएंगे. नगर परिषद और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संयुक्त रूप से पेयजल और स्वच्छता की जिम्मेदारी सौंपी गई है जिसके तहत मेला क्षेत्र में 50 पानी के टैंकर तैनात रहेंगे और सभी जल स्रोतों का क्लोरीनीकरण कराया जाएगा. वही क्षेत्र की लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों की जांच कर लें ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति बनी रहे और परिक्रमा पथ व घाटों पर बिजली के तारों को प्लास्टिक पीबीसी पाइप से कवर किया जाएगा. साथ ही असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए होटल और रेस्टोरेंट के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं.
मंदाकिनी नदी के जलस्तर को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है, जिसके तहत अतिरिक्त एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तथा पर्याप्त गोताखोर तैनात किए जाएंगे. होमगार्ड्स को 8 अक्टूबर को नदी तट पर मॉकड्रिल करने के निर्देश दिए गए हैं और नाविकों को चेतावनी दी गई है कि वे नावों में क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं. श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में 8 स्वास्थ्य टीमें और प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस तथा निःशुल्क चिकित्सा केंद्र बनाए जाएंगे जबकि खाद्य विभाग होटलों और दुकानों की सैंपलिंग करेगा और खाद्य पदार्थों की तय दरें प्रदर्शित कराना अनिवार्य होगा. कलेक्टर ने अधिकारियों से आह्वान किया है कि वे अपनी ड्यूटी महज औपचारिकता न समझें बल्कि सेवा भाव से कार्य करें ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालु चित्रकूट से सुखद स्मृतियां लेकर लौट सकें.
