जबलपुर: पारस मार्बल के पीछे नया मोहल्ला में सोमवार शाम को उस वक्त हड़कंप मच गया जब करीब 100 साल पुराना दो मंजिला जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हैरानी की बात ये रही कि जर्जर मकान में चार परिवारों के करीब 12 लोग रह रहे थे और नगर निगम के अमले को इसकी भनक तक नहीं थी। जानकारी के अनुसार मकान गिरते ही चीख पुकार मच गई फिर स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद मकान में फंसे 12 लोगों को सुरक्षित पीछे के रास्ते से बाहर निकाला। दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है बस ग्रहस्थी का पूरा सामान मलबे में दब गया है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे अमले ने मलबे को हटाने का काम शुरू किया। गनीमत रही कि मकान के मलबे के नीचे घर का कोई सदस्य नहीं दबा नहीं तो किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।
मकान मालिक विनय राजपूत ने बताया कि जिस मकान में वह रह रहे हैं उनकी पैतृक संपत्ति हैं और उसमें चार परिवार के सदस्य रह रहे हैं। सोमवार को अचानक जर्जर अवस्था में मौजूद मकान गिर गया था। वहीं स्थानीय रहवासी गुड्डू ने बताया कि आसपास मौजूद लोगों की सजगता, सक्रियता से मकान में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया था।
शेष ढांचे से मंडरा रहा गंभीर खतरा
ध्वस्त भाग के अलावा इमारत का बाकी खड़ा ढांचा भी काफी कमजोर हो चुका है, जिससे आसपास के घरों पर भी जोखिम बना हुआ है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की निगरानी में असुरक्षित हिस्से को ढहाने की तैयारी चल रही है, वहीं एहतियातन आसपास के रास्तों पर आवागमन रोक दिया गया था।
