इंदौर:स्वच्छता को लेकर नगर निगम लगातार प्रयासों का दावा करता है, लेकिन जमीनी हालात इन दावों पर सवाल खड़े कर रहे हैं. शहर के कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की अनदेखी के चलते रहवासी गंदगी और परेशानियों से जूझ रहे हैं.तीन इमली क्षेत्र में आने वाले वार्ड क्रमांक 64 के चितावद-काकड़ से एक बार फिर रहवासियों की समस्या सामने आई है. यहां छोटी और संकरी गलियों में बड़ी संख्या में घर बने हुए हैं. कुछ समय पहले इन गलियों में सीवरेज की नई लाइन डाली गई थी.
इसके बाद समय-समय पर सीवरेज लाइन की सफाई तो की जाती है, लेकिन सफाई के दौरान निकलने वाली गाद को नियम के मुताबिक पांच दिनों में उठाने के बजाय कई दिनों तक वहीं छोड़ दिया जाता है. गटर से निकली गाद के कारण क्षेत्र में दुर्गंध के साथ मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ रहा है. इससे रहवासियों को बीमारियों का डर बना हुआ है. छोटे बच्चों में अक्सर बुखार की शिकायत सामने आई है. सीमेंट-कंक्रीट रोड और सीवरेज लाइन के कार्य से लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र की स्थिति बेहतर होगी, लेकिन सफाई व्यवस्था की अनदेखी से उनकी परेशानी कम नहीं हुई. सवाल यह है कि निगम अधिकारी सफाई कार्यों की निगरानी क्यों नहीं कर रहे? क्या कर्मचारियों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं होनी चाहिए, ताकि गाद समय पर उठे और रहवासियों को परेशानी से राहत मिले.
यह बोले रहवासी…
तंग गलियां हैं, घर भी इन्हीं गलियों में हैं, ऐसे में गंदगी फैली रहती है. हमें ही उसे बोरी में भरकर एक तरफ रखना पड़ता है या फिर हमें ही फेंकने जाना पड़ता है.
– आशा सोलंकी
छोटे-छोटे बच्चे हैं, इस गंदगी के कारण क्षेत्र में बीमारी बढ़ रही है. मैंने तीन बार कंप्लेंट कर दी, कहते हैं कि हमारी गाड़ी खराब है, अभी हम नहीं आ रहे हैं.
– रचना कोचले
एक-दो दिन की समस्या होती तो सहन किया जा सकता है, लेकिन दस-बारह दिन तक गंदगी गलियों में पड़ी रहती है, जिस कारण घरों में मच्छर और बदबू बनी रहती है. बहुत परेशानी होती है.
– सुमन सोलंकी
