जबलपुर: हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में विवाहित पुत्री के अनुकंपा नियुक्ति आवेदन को केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर अस्वीकार किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ने विभाग को प्रकरण में नियमानुसार पुनर्विचार कर पात्रता के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार तिवारी व सुमित्रा तिवारी ने पैरवी की।
विभाग ने याचिकाकर्ता के अनुकंपा नियुक्ति आवेदन को अस्वीकार कर दिया था, जिसके विरुद्ध हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। न्यायालय ने मामले के तथ्यों और लागू विधिक प्रावधानों पर विचार करते हुए विभाग के अस्वीकृति आदेश को निरस्त कर दिया। अधिवक्ता दिनेश कुमार तिवारी ने बताया कि निर्णय उन विवाहित पुत्रियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें केवल विवाह हो जाने के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित किया जाता है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का निर्णय समानता और न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करता है।
