भोपाल। मध्य प्रदेश में पुलिसिंग का मॉडल अब तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक पुलिसिंग के साथ अब सीसीटीवी, ANPR, साइबर क्राइम यूनिट और AI जैसे तकनीकी टूल्स का इस्तेमाल बढ़ा है।
शहरों में लगे सीसीटीवी कैमरों से संदिग्ध गतिविधियों और अपराधों की निगरानी आसान हुई है, तो ANPR के जरिए वाहनों की पहचान और ट्रैकिंग में भी मदद मिल रही है।
वहीं, साइबर क्राइम बढ़ने के साथ पुलिस की जांच का दायरा भी डिजिटल हुआ है।
AI और तकनीक की मदद से डेटा एनालिसिस और अपराध की जांच को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन सवाल है कि इन तकनीकों ने जमीनी पुलिसिंग को कितना बदला है और अपराधों की जांच में इसका कितना फायदा मिल रहा है? इस सवाल को लेकर हमने बात की उप पलिस अधिक्षक, प्रदीप बालमिकी जी से।
यानी अब पुलिसिंग सिर्फ मौके पर पहुंचने तक सीमित नहीं, बल्कि डेटा, कैमरे और डिजिटल टेक्नोलॉजी के जरिए अपराध को रोकने और सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
