
सोनकच्छ। नगर की जीवनदायिनी मां कालीसिंध नदी में पिपलेश्वर डेम के पाले में पानी भरा हुआ है, लेकिन इस वर्ष वर्षा न के बराबर होने से आगे गंभीर संकट खड़ा होने वाला है और यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो 3 माह के अंदर ही नगर को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
20 हजार की आबादी वाले सोनकच्छ नगर का पेयजल इसी डेम पर निर्भर है। हर साल 15 सितंबर के बाद डेम के पाले पर प्लेट लगाकर पानी रोका जाता है, पिछले वर्ष यह कार्य अक्टूबर में किया गया था, इस बार भी अब प्लेट लगाकर बचे हुए पानी को सुरक्षित करना सबसे जरूरी है। वहीं पिपलेश्वर घाट से कोटेश्वर घाट तक नदी में मोटर डालकर पानी खींचा जा रहा है, जिससे डेम का पानी तेजी से कम हो रहा है, यदि यही स्थिति रही तो नदी का पानी 3 महीने में ही खाली हो जाएगा और आसपास के ट्यूबवेल भी बंद हो जाएंगे। इधर बता दें कि, सोनकच्छ नगर में तीन दशक बाद फरवरी 2027 में माता पूजन का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में बाहर से बड़ी संख्या में मेहमान आएंगे तो जल आपूर्ति की खपत बढ़ जाएगी।
इसी मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मालवा में पेयजल की समस्या पर प्रमुखता से ध्यान दिया जाएगा और इस विषय के लिए सभी कलेक्टरों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन अभी से जागरूक होकर नदी में लग रही मोटरों को तुरंत बंद करवाए और नर्मदा लाइन का पानी पाइप के जरिए नदी में छोड़ने की व्यवस्था करें तो गर्मी में पेयजल की परेशानी नहीं आएगी। वहीं विधायक राजेश सोनकर ने कहा कि, नर्मदा लाइन के जल को लेकर अधिकारियों व कंपनी से चर्चा करूंगा। साथ ही कलेक्टर से भी जल संकट व जल आपूर्ति को लेकर सार्थक चर्चा की जाएगी। क्षेत्रवासियों सहित किसानों को समस्या न आएं इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
