सिंगरौली : नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 41 गनियारी के पोस्ट ऑफिस मार्ग में किसी ने नालियों पर बाउंड्री तो किसी ने चबुतरा बना रखा है। इस तरह का अतिक्रमण आज से नही वर्षो से है, लेकिन नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ता की नजरें इस मोहल्ले में ओझल हो जा रही हैं।दरअसल नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने शहर के नाली, सार्वजनिक स्थान, बस स्टैंड, फुटपाथ एवं नजूल की भूमि पर अतिक्रमण करने वालो के विरूद्ध सख्ती के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये हैं, लेकिन मल्हार पार्क बैढ़न के समीप नाली को एक ऊची हवेली के भूमि स्वामी ने कब्जा कर लिया है। वहीं पोस्ट ऑफिस मार्ग में करीब आधा दर्जन से अधिक रहवासियों ने नाली को ही अपने कब्जे में किया है।
आलम यह है कि कुछ लोगों ने नाली पर बाउंड्रीवॉल बनाया है, तो कुछ रहवासियों ने चबुतरा बनाते हुये नाली को स्थाई रूप से लेंटर कर दिया है। जहां साफ-सफाई के दौरान यहां से कचरा निकालना ननि सफाई कर्मियों के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है। यह बताया जा रहा है कि यह समस्या आज से नही, बल्कि वर्षो से है। नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ता इस मार्ग पर नही पड़ती हैं। नालियों पर से अतिक्रमण हटाने का साहस नगर निगम क्यों नही जुटा पा रहा है, इसे तो नगर निगम के अधिकारी ही बताएंगे। नगर निगम के नालियों पर अतिक्रमण एक नही, करीब 20 प्रतिशत क्षेत्र में है। आरोप लग रहा है कि नगर निगम के द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया, लेकिन यह अभियान सिर्फ गरीबो पर सितम बरपा रहा है और अमीरो पर रहम बरत रहा है। इस बात को लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं की जाने लगी हैं।
अतिक्रमण कारियों के खिलाफ क्या होगी कार्रवाई?
ननि के नालियों पर बेजा अतिक्रमण करने वाले के विरूद्ध क्या नगर निगम कार्रवाई करेगा, इस तरह के सवाल फूटपाथी एवं ठेला कारोबारी आपस में चर्चा करते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि नगर निगम बड़े अमीर अतिक्रमण कारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से गुरेज करता है। यदि नगर निगम बड़ो के साथ-साथ धन्नाढ्य सेठो पर कार्रवाई शुरू कर दे तो नालियां अपने आप अतिक्रमण से मुक्त हो जाएंगी। बशर्ते नगर निगम को साहस दिखानी पड़ेगी। रहवासियों का यह भी कहना है कि आखिरकार नगर निगम धन्नाढ्यों को अतिक्रमण करने के लिए दबी जुबान में छूट क्यों दिया है, यह भी अपने आप में सवाल खड़ा किया है।
ननि के सफाई कर्मी भी नही करते शिकायत
चर्चा है कि नालियों पर बेजा कब्जा करने वाले मकान मालिको पर ननि के सफाई कर्मियों का दिल पसीजा रहता है। इनके द्वारा भी ननि अतिक्रमण विरोधी दस्ता के यहां शिकायत नही की जाती है। शायद इसीलिए यहां ननि का बुल्डोजर नही चल पाता है। सफाई कर्मी शिकायत दर्ज कराने में क्यू पीछे हटते हैं, यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है। यदि सूत्रों की बात माने तो ननि के अधिकारी भी अतिक्रमण के खिलाफ ज्यादा सख्ती नही दिखाते, जिसके चलते लोगबाग नालियों पर भी बाउंड्रीवॉल एवं चबुतरा का निर्माण कर ले रहे हैं।
