कोलकाता, भारत की प्रमुख सौर पीवी मॉड्यूल निर्माता कंपनियों में शामिल विक्रम सोलर को महाराष्ट्र के कई स्थानों पर विकसित की जा रही विकेंद्रीकृत सोलर परियोजनाओं के लिए एक प्रतिष्ठित ईपीसी कंपनी से 400 मेगावाट मॉड्यूल की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है।
यह ऑर्डर भारत में तेजी से बढ़ रहे कृषि-फीडर सोलराइजेशन क्षेत्र में विक्रम सोलर की मौजूदगी को और मजबूत करता है। यह क्षेत्र देश में विकेंद्रीकृत और भरोसेमंद अक्षय ऊर्जा ढांचे की दिशा में हो रहे बदलाव में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समझौते के तहत विक्रम सोलर “620 डब्ल्यूपी’ क्षमता वाले “हाई-एफिशिएंसी एन-टाइप टॉपकॉन जी12आर मॉड्यूल’ की आपूर्ति करेगा। इन मॉड्यूल में ग्लास-टू-ग्लास, बाइफेशियल तकनीक और हाफ-कट सेल का इस्तेमाल किया गया है। इनकी आपूर्ति अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली है।
भारत में सोलर एनर्जी के विस्तार में तेजी जारी रहने के बीच विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं देश के क्लीन एनर्जी चेंज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। इनके जरिए बिजली उत्पादन को बिजली की खपत वाले केंद्रों के करीब लाया जा रहा है। इससे बिजली ग्रिड को अधिक मजबूत बनाने में भी मदद मिल रही है। खास तौर पर कृषि फीडर सोलराइजेशन से किसानों और कृषि समुदायों तक बिजली की बेहतर पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। साथ ही, यह भारत के व्यापक अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों में भी योगदान देगा।
विक्रम सोलर के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञानेश चौधरी ने कहा, “एमएसकेवीवाई 2.0 जैसे कार्यक्रम भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनसे सौर ऊर्जा के लाभ किसानों और कृषि समुदायों के करीब पहुंच रहे हैं। महाराष्ट्र में इतने बड़े स्तर पर परियोजनाओं के लिए मॉड्यूल की आपूर्ति से विक्रम सोलर की उन्नत “जी12आर टॉपकॉन’ तकनीक और बड़े स्तर पर अलग-अलग स्थानों पर विकसित की जा रही सौर परियोजनाओं को पूरा करने की हमारी क्षमता पर भरोसा दिखाई देता है। भारत में अक्षय ऊर्जा ढांचे का विस्तार जारी रहने के साथ हम ऐसे उच्च प्रदर्शन वाले सोलर एनर्जी सॉल्यूशन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करें। देश में विनिर्माण को बढ़ावा दें। देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान दे सके।”
विक्रम सोलर के लिए यह ऑर्डर बड़े स्तर पर और अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में फैले सोलर एनर्जी कार्यक्रमों को पूरा करने की कंपनी की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। इसमें कंपनी के बढ़ते विनिर्माण नेटवर्क और उन्नत तकनीक वाले उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
