मानसून की वापसी के साथ पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में गर्मी और तापमान में बढ़ोतरी

नई दिल्ली,  देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला लगातार जारी है, जिसके चलते मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर और पश्चिमी भारत के अधिकांश हिस्सों से मानसून की विदाई के बाद अब मौसम पूरी तरह शुष्क हो गया है, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे मैदानी इलाकों में शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि राजस्थान के कुछ जिलों में पारा धीरे-धीरे 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है।

पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में सक्रिय रहा मानसून, कई जगहों पर भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी

एक तरफ जहां उत्तर भारत में गर्मी का असर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मानसून अभी भी सक्रिय बना हुआ है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है, जहां पासीघाट में भारी बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसके अलावा दक्षिण भारत के लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और माहे में भी झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है।

हिमाचल और उत्तराखंड में हल्की बारिश के आसार, पूर्वोत्तर मानसून और आगामी दिनों के मौसमी बदलाव पर टिकी नजरें

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो अगले कुछ दिनों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम आमतौर पर सुहावना रहने की उम्मीद है, हालांकि हिमाचल प्रदेश में 5 से 8 अक्टूबर के बीच और उत्तराखंड में 7 अक्टूबर को छिटपुट बारिश के आसार जताए गए हैं। इसके अलावा बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी 5 से 8 अक्टूबर के दौरान गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अक्टूबर से दिसंबर के बीच दक्षिणी प्रायद्वीप में पूर्वोत्तर मानसून (नॉर्थ-ईस्ट मानसून) के सक्रिय होने का समय होता है, जिसके चलते आने वाले हफ्तों में दक्षिणी राज्यों में वार्षिक बारिश का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त होने की संभावना है।

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