कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शांति प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा है कि मोदी के पास युद्ध खत्म करने के लिए “बहुत अच्छे विचार” हैं। पुतिन के मुताबिक, मोदी लगातार रूस-यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने और दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य समाधान तलाशने की बात उठाते हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत की कूटनीतिक पहुंच युद्धविराम की कोशिशों में कोई भूमिका निभा सकती है? दूसरी ओर, अमेरिका भी रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत की कोशिशों में सक्रिय है, जबकि चीन के पास मॉस्को के साथ अपने रिश्तों के जरिए अलग कूटनीतिक प्रभाव है।
तो क्या भारत, अमेरिका और चीन के अलग-अलग डिप्लोमैटिक रास्ते एक साथ आकर रूस-यूक्रेन युद्ध में सीजफायर की जमीन तैयार कर सकते हैं?
