सीहोर। आगामी नगरीय निकाय चुनाव से पहले सीहोर सहित जिले के सभी नगरीय निकायों की सीमाओं में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है. बढ़ते शहरीकरण और शहरों की मौजूदा सीमा से बाहर तेजी से विकसित हो रही आबादी को देखते हुए शासन ने नगरीय निकायों की सीमा बढ़ाने या जरूरत के अनुसार घटाने के साथ ही वार्डों के पुनर्गठन के प्रस्ताव मांगे हैं. कलेक्टरों के माध्यम से ये प्रस्ताव 31 अक्टूबर तक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को भेजे जाने हैं. इसके बाद स्वीकृत सीमाओं के आधार पर वार्डों का परिसीमन और आगे आरक्षण की प्रक्रिया होगी.
गौरतलब है कि जिले में वर्तमान में दो नगर पालिका सीहोर और आष्टा के अलावा सात नगर पंचायत इछावर, भैरूंदा, बुधनी, रेहटी, जावर, कोठरी और शाहगंज हैं. यानी जिले के सभी नौ नगरीय निकायों में जरूरत के अनुसार सीमा परिवर्तन और वार्ड पुनर्गठन की संभावनाओं का परीक्षण किया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि सीहोर नगर पालिका में वर्तमान में 35 वार्ड हैं. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी करीब 1.09 लाख थी. इस आधार पर 35 वार्डों में औसत आबादी करीब 3,112 प्रति वार्ड बैठती है. नियमानुसार औसत आबादी में 15 प्रतिशत तक कम-ज्यादा की गुंजाइश रहती है. इस हिसाब से वार्डों की आबादी का दायरा करीब 2,645 से 3,579 तक माना जा सकता है.
हालांकि वार्डवार आंकड़ों में काफी अंतर दिखाई देता है. वर्ष 2022 के नगर पालिका चुनाव में सीहोर के 35 वार्डों में कुल 83,632 मतदाता थे. इनमें 42,569 पुरुष, 41,057 महिला और 6 अन्य मतदाता शामिल थे. इस आधार पर प्रति वार्ड औसतन करीब 2,389 मतदाता थे. लेकिन कई वार्ड इस औसत से काफी आगे तो कई पीछे रहे. देखा जाए तो वार्ड 25 में सबसे अधिक 3,674 मतदाता, जबकि वार्ड 29 में 1,502 मतदाता दर्ज थे.
इसी तरह नगर के वार्ड 23 में 3,236, वार्ड 11 में 2,968 और वार्ड 12 में 2,964 मतदाता थे. दूसरी ओर वार्ड 32 में 1,796, वार्ड 18 में 1,921 और वार्ड 5 में 1,993 मतदाता थे. हालांकि आगामी परिसीमन 2027 की जनगणना के आधार पर होना है. ऐसे में नए आंकड़ों के बाद वार्डों की संरचना और आबादी का संतुलन नए सिरे से तय होगा.
पहले प्रस्ताव, फिर परिसीमन और आरक्षण
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के अनुसार सीमा वृद्धि, सीमा संकुचन और वार्ड पुनर्गठन के प्रस्ताव जिला स्तर से तैयार कर राज्य शासन को भेजे जाएंगे. शासन की स्वीकृति मिलने के बाद वैधानिक प्रक्रिया के तहत परिसीमन होगा और इसके बाद वार्डों के आरक्षण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी. ऐसे में अभी यह तय नहीं है कि सीहोर में कौन-से क्षेत्र या गांव नगर सीमा में शामिल होंगे और किन वार्डों की सीमाओं में कितना बदलाव होगा.
15 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव पहले भी आया था
सीहोर शहर की सीमा बढ़ाने का मुद्दा नया नहीं है. वर्ष 2022 में शहर से लगे करीब 15 गांवों को नगर पालिका सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजे जाने की बात सामने आई थी. उस समय वार्ड परिसीमन और सीमावृद्धि को लेकर आपत्तियां भी सामने आई थीं. अब शासन के नए निर्देश के बाद यह मामला फिर चर्चा में है. फिलहाल यह तय नहीं है कि सीहोर या जिले के अन्य निकायों में किन गांवों अथवा क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। जिला स्तर पर नगरीय सीमा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों का परीक्षण किया जाएगा। शहर से सीधे जुड़े आवागमन, बाजार, रोजगार, आवासीय विस्तार और नगरीय सुविधाओं की निर्भरता वाले क्षेत्रों को प्रस्ताव में शामिल किया जा सकता है.
