इंदौर: वन्यप्राणियों के संरक्षण और लोगों को उनके प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इंदौर चिड़ियाघर में 1 से 6 अक्टूबर तक वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है. सप्ताह के दौरान बच्चों और विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों से जोड़ने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. शुरुआत में बच्चों ने पेंटिंग और स्टोन पेंटिंग के जरिए वन्यप्राणियों को कागज और पत्थरों पर उकेरा. बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता से बाघ, शेर सहित विभिन्न वन्यजीवों के चित्र बनाए.
वन्यजीव सप्ताह का उद्देश्य केवल लोगों को चिड़ियाघर में वन्यप्राणियों को दिखाना ही नहीं, बल्कि उन्हें वन्यजीवों के जीवन, उनकी दिनचर्या और पर्यावरण में उनकी भूमिका से परिचित कराना भी है. इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग-पेंटिंग, स्टोन पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग, वेस्ट मटेरियल से उपयोगी वस्तुएं तैयार करने, साइकिल रैली सहित कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि वन्यजीव सप्ताह मनाने का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को वन्यप्राणियों के बारे में जानकारी देना और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है. विद्यार्थियों को इन गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, क्योंकि उनके माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है. सप्ताहभर होने वाली गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों में वन्यजीवों के प्रति जिज्ञासा और संवेदनशीलता बढ़ाने का प्रयास है. उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को यह समझाना जरूरी है कि वन्यप्राणी केवल चिड़ियाघर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है.
बच्चों की पेंटिंग बनी आकर्षण का केंद्र
वन्यजीव सप्ताह की गतिविधियों में बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और स्टोन पेंटिंग खास आकर्षण का केंद्र रही. बच्चों ने रंगों के माध्यम से वन्यप्राणियों के अलग-अलग रूपों को उकेरा. गतिविधियों के दौरान उन्हें वन्यजीवों के बारे में जानकारी भी दी गई, जिससे रचनात्मकता के साथ उन्हें वन्यप्राणियों और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया.
