नयी दिल्ली, 01 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने गुरुवार को कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपलब्ध राशि खर्च न कर पाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा दिल्ली सरकार और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) की आलोचना से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल सामने आये हैं।
श्री यादव ने कहा कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क के तहत मिले 1,935.44 करोड़ रुपये में से केवल 781.51 करोड़ रुपये खर्च किये गये, जबकि 1,153.93 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि एनजीटी ने डीपीसीसी को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के संग्रह और उपयोग का विस्तृत ब्योरा देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की शीतकालीन कार्ययोजना भी पिछले वर्ष की तरह विफल साबित होगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली कांग्रेस लगातार वाहनों से होने वाले प्रदूषण को प्रमुख स्थानीय स्रोत बताती रही है। सीएसई के 2024 के विश्लेषण में भी स्थानीय स्रोतों में परिवहन का योगदान 51.5 प्रतिशत पाया गया था। वहीं, सीएसई की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारी बारिश के बावजूद मानसून में दिल्ली को केवल एक ‘गुड’ एयर क्वालिटी दिवस मिला। सरकार को वाहनों, पराली और अन्य स्रोतों पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
