इंदौर: भागीरथपुरा में दिसंबर 2025 में दूषित पानी से हुई मौतों की जांच के लिए गठित एक सदस्यीय आयोग की 110 पेज की रिपोर्ट बुधवार को सार्वजनिक हुई।
रिपोर्ट में 8 अधिकारियों और इंजीनियरों की भूमिका तय करते हुए विभागीय कार्रवाई के साथ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
आयोग के मुताबिक, सीवरेज का पानी पेयजल लाइन में मिलना घटना का तत्काल कारण बना, जबकि खराब पाइपलाइन बदलने की टेंडर प्रक्रिया में 859 दिनों की देरी भी सामने आई।
मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर फरवरी 2026 तक दर्ज 35 मौतों में से 22 को आयोग ने दूषित पानी से संबंधित माना। रिपोर्ट में कहा गया कि लीकेज, बदबू और पानी में बैक्टीरिया की जानकारी के बावजूद समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई
