रियाद। फ्लाई दुबई की एक फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच हुई हिंसक झड़प ने विमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन ने स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई।
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान विमान ने तेजी से ऊंचाई खोई। कॉकपिट से आवाजें सुनने के बाद कुछ यात्री और क्रू सदस्य वहां पहुंचे और आरोपी को काबू करने में मदद की। इसके बाद विमान को स्थिर कर सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
*174 लोगों की जान खतरे में थी*
रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्लाइट में 174 लोग सवार थे। घटना के दौरान विमान के तेजी से नीचे आने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी। गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित को विमान में मौजूद एक डेंटिस्ट ने प्राथमिक चिकित्सा भी दी।
घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की सार्वजनिक रूप से तारीफ की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने जिस तरह स्थिति का सामना किया, उससे यात्रियों को बचाने में मदद मिली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी घटना का जिक्र करते हुए कैप्टन को हीरो बताया और उनकी सूझबूझ की प्रशंसा की।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
गुजरात मूल के कैप्टन स्मित मच्छार जून 2022 में फ्लाईदुबई से जुड़े थे। इससे पहले वे करीब 11 साल तक स्पाइसजेट में पायलट के तौर पर काम कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें बोइंग 737 विमान उड़ाने का लंबा अनुभव है और वे दूसरे पायलटों की ट्रेनिंग और मार्गदर्शन से जुड़े काम भी करते रहे हैं।
*घटना की जांच जारी*
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। को-पायलट के हमले के पीछे की वजह और विमान के सिस्टम को प्रभावित करने की कोशिश से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।
फ्लाईदुबई ने भी घटना के बाद इजरायल से जुड़ी अपनी उड़ानों को जांच पूरी होने तक रोकने की जानकारी दी है। फिलहाल मामले में आधिकारिक जांच और आगे सामने आने वाली जानकारी का इंतजार है।
