जबलपुर: हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 25 प्रतिशत वेतन के एरियर्स सहित सेवा में बहाल करने के एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य शासन की अपील खारिज कर दी। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने 28 सितंबर 2026 को याचिका में यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नर्मदा प्रसाद चौधरी ने पैरवी की। मामला नर्मदापुरम निवासी दुर्गेश कुमार सोनी एवं अन्य से जुड़ा है। एकलपीठ ने 10 सितंबर 2025 को रिट याचिका स्वीकार करते हुए कर्मचारियों को 25 प्रतिशत वेतन के साथ सेवा में वापस लेने का आदेश दिया था। इसके विरुद्ध राज्य शासन ने अपील दायर की थी।
युगलपीठ ने पाया कि इसी मुद्दे पर समकक्ष पीठ द्वारा 17 जनवरी 2025 को राज्य शासन विरुद्ध नीलेश कुमार सेन एवं अन्य मामले में निर्णय दिया जा चुका है। उक्त निर्णय के खिलाफ दायर एसएलपी को सुप्रीम कोर्ट ने 21 सितंबर 2026 को खारिज कर दिया था। युगलपीठ ने कहा कि पूर्व निर्णय में निर्धारित कानून वर्तमान मामले पर भी लागू होगा। इसके साथ ही राज्य शासन की रिट अपील खारिज कर दी गई।
