
इंदौर। जिस रेल लाइन का इंतजार वर्षों से था, अब उसकी पटरी बिछने की शुरुआत की तारीख करीब आती दिख रही है। मालवा-निमाड़ को महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से सीधे जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित मनमाड-इंदौर रेल परियोजना अब कागजों से निकलकर निर्माण की दिशा में बढ़ गई है।
मध्य रेलवे के निर्माण संगठन ने डॉ. अंबेडकर नगर (महू) से ग्यासपुरखेड़ी तक 72.66 किलोमीटर लंबे रेलखंड के लिए ₹4,930.91 करोड़ का ईपीसी ई-टेंडर जारी किया है। ठेका आवंटित होने के बाद निर्माण कार्य को 48 माह में पूरा करना होगा।इस रेलखंड में 25 बड़े पुल, 7 रेलवे स्टेशन, 4 रोड ओवर ब्रिज, अनेक छोटे पुल, सुरंगें और एक विशाल वायडक्ट प्रस्तावित हैं। ग्यासपुरखेड़ी, चिकट्यावड़, नीमगढ़, सराय तालाब, झाड़ी बड़ौदा, केलौद और कमदपुर स्टेशन बनाए जाएंगे।
संघर्ष समिति के प्रयास रंग लाए
मनमाड-इंदौर रेलवे संघर्ष समिति के प्रमुख मनोज मराठे ने टेंडर जारी होने को लंबे जनसंघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि रेल परियोजना के अधिकारी किशोर सिंह ने समिति को टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दी है। मराठे के अनुसार अब परियोजना का काम पहली बार मनमाड-इंदौर रेल परियोजना के नाम से धरातल पर आगे बढ़ने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि परियोजना को आगे बढ़ाने और टेंडर प्रक्रिया तक पहुंचाने में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र पटेल तथा तत्कालीन राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी का समय-समय पर सहयोग मिला।
फरवरी 2027 में खुलेगी ऑनलाइन बोली
निविदा के अनुसार पहली प्री-बिड बैठक 30 नवंबर 2026 और दूसरी 30 दिसंबर 2026 को होगी। ऑनलाइन बोली 4 फरवरी 2027 से शुरू होगी, जबकि निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 18 फरवरी 2027 सुबह 11 बजे निर्धारित है। ईएमडी करीब ₹9.86 करोड़ रखी गई है।
बेहतर रेल संपर्क की संभावना
रेल परियोजना पूरी होने से मालवा-निमाड़ को महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के बाजारों से बेहतर रेल संपर्क मिलने की संभावना है। इससे कृषि उपज की ढुलाई, व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों को गति मिलने की उम्मीद है। संघर्ष समिति ने निर्माण कार्य की प्रगति पर निगरानी जारी रखने की बात कही है।
