रियाद, 30 सितंबर (वार्ता) सऊदी अरब ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि सप्ताहांत में अबू धाबी में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच हुई विस्तृत बैठक में सऊदी अरब के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
यह खंडन इजरायली पत्रकार ड्रोर बालाज़ादा की एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि श्री नेतन्याहू और श्री शेख मोहम्मद की मुलाकात के बाद सऊदी प्रतिनिधि भी बातचीत में शामिल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार वार्ता में सुरक्षा सहयोग, ईरान, हूती और क्षेत्रीय रक्षा प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
वहीं, एक सऊदी सूत्र ने ‘अरब न्यूज’ को बताया कि बैठक में किसी सऊदी प्रतिनिधि के शामिल होने की रिपोर्टों में “कोई सच्चाई नहीं” है। सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें अन्य देशों के प्रतिनिधियों को शामिल करने वाली ऐसी कोई बैठक नहीं हुई थी।
जॉर्डन के आधिकारिक सूत्र ने भी अपने किसी अधिकारी के शामिल होने से इनकार किया है।
सूत्रों ने कहा कि इजरायली मीडिया में आयी यह रिपोर्ट श्री नेतन्याहू से जुड़ी चुनावी राजनीति से प्रेरित है। श्री नेतन्याहू रविवार को यूएई के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर अबू धाबी गये थे और श्री शेख मोहम्मद से मुलाकात की थी।
यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी ‘वाम’ ने बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, रिश्तों को मजबूत और विकसित करने के तरीकों तथा क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा की। तीन वरिष्ठ इजरायली अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह बैठक लगभग छह घंटे तक चली और इसका मुख्य केंद्र ईरान था।
यह बैठक उन रिपोर्टों को लेकर फिर से शुरू हुई चर्चाओं के बीच हुई है, जिनमें दावा किया गया था कि श्री शेख मोहम्मद ने सात अक्टूबर, 2023 से पहले श्री नेतन्याहू को हमास के संभावित हमले की चेतावनी दी थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, श्री नेतन्याहू ने यह गुप्त यात्रा मुख्य रूप से यूएई नेता से इस रिपोर्ट का खंडन करने का अनुरोध करने के लिए की थी, हालांकि अबू धाबी ने सार्वजनिक रूप से इस बात की न तो पुष्टि की है और न ही खंडन किया है।
यूएई उन चुनिंदा अरब देशों में से एक है जिनके इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध हैं, जो 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए ‘अब्राहम समझौते’ के तहत स्थापित हुए थे।
सऊदी अरब के इजरायल से राजनयिक संबंध नहीं हैं और उसने स्पष्ट किया है कि संबंधों के सामान्यीकरण के लिए फिलिस्तीनी राज्य का गठन प्राथमिक शर्त है।
सऊदी अरब सात अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादी हमले और उसके बाद दो वर्ष तक चले गाजा युद्ध (जिसने इस क्षेत्र को तबाह कर दिया) से पहले इजरायल से संबंधों को सामान्य बनाने की संभावना पर अमेरिका समर्थित बातचीत में शामिल रहा था।
