भोपाल: रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू और वकील समर्थ सिंह की अभिनेत्री पत्नी ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। एक ओर परिवार कोर्ट में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर सुनवाई का इंतजार कर रहा था, वहीं दूसरी ओर कटारा हिल्स थाना पुलिस ने परिजनों को पत्र देकर शव तत्काल ले जाने के लिए कहा। पुलिस का तर्क था कि एम्स भोपाल में शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त डीप फ्रीजर सुविधा उपलब्ध नहीं है।
परिवार ने इसे संवेदनशील मामले में जल्दबाजी और दबाव बनाने की कोशिश बताया है। उनका आरोप है कि शुरुआत से ही पुलिस अंतिम संस्कार कराने पर जोर देती रही, जबकि वे निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं। परिजनों ने ट्विशा की सास और पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं तथा पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई से कराने की मांग की है।
मामले में जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठे हैं। परिजनों का कहना है कि कथित फांसी में इस्तेमाल बेल्ट पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे गर्दन के निशानों और कथित फांसी के साधन का वैज्ञानिक मिलान अधूरा रह गया। इसी आधार पर परिवार पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी संदेह के घेरे में बता रहा है।
उधर,सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है। #JusticeForTwisha अभियान के जरिए बड़ी संख्या में लोग निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
