नयी दिल्ली, 30 सितंबर (वार्ता) वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीने में केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा बढ़कर 7.10 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो पूरे वित्त वर्ष के लिए रखे गए बजट अनुमान के 42 प्रतिशत के करीब है। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को अप्रैल-अगस्त के केंद्र सरकार का आय-व्यय का विवरण जारी किया। इसके अनुसार इस दौरान कुल आमद 13,67,709 करोड़ रुपये (बजट अनुमान का 37.5 प्रतिशत) रही जबकि व्यय 20,77,958 करोड़ रुपये दर्ज किया जो बजट अनुमान का 38.9 प्रतिशत है।
इस प्रकार, सरकार का राजकोषीय घाटा 7,10,249 करोड़ रुपये रहा। यह बजट अनुमान का 41.88 प्रतिशत है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को 16.96 लाख करोड़ रुपये पर सीमित करने का लक्ष्य रखा है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पहले पांच महीने की प्राप्तियों में केंद्र को कर से प्राप्त कुल आय 8,37,921 करोड़ रुपये रही। कर से इतर प्राप्त राजस्व 4,54,549 करोड़ रुपये और गैर कर पूंजीगत प्राप्तियां 75,239 करोड़ रुपये दर्ज की गयी।
केंद्र सरकार ने करों में राज्यों के हिस्से के रूप में उन्हें 5,90,391 करोड़ रुपये हस्तांतरित किये। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में हस्तांतरित राशि से 60,243 करोड़ रुपये कम है। कुल व्यय में राजस्व खाते के मद में 15,68,009 करोड़ रुपये खर्च हुए जबकि 5,09,949 करोड़ रुपये पूंजीगत खाते के मद में खर्च किये गये। राजस्व खाते में खर्च की गयी राशि में से 5,14,810 करोड़ रुपये सरकार द्वारा ली गयी उधारी के लिए ब्याज के भुगतान पर और 1,87,037 करोड़ रुपये बड़ी सब्सिडियों पर खर्च हुए हैं।

