जम्मू, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। किश्तवाड़ के दूर-दराज वारवान इलाके के मुंगली गांव में बीती आधी रात को अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस भयानक अग्निकांड में लगभग 10 आवासीय मकान और कई गौशालाएं पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जिससे ठंड के मौसम में कई परिवार बेघर हो गए हैं। गनीमत यह रही कि इस दर्दनाक हादसे में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
डिप्टी कमिश्नर पंकज शर्मा ने मौके का लिया जायजा, प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को बांटी जा रही है राहत सामग्री
घटना की सूचना मिलते ही किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर पंकज शर्मा और स्थानीय तहसीलदार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई तथा दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के चलते सुबह करीब 4 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिससे गांव के बाकी हिस्सों को चपेट में आने से बचा लिया गया। डीसी पंकज शर्मा ने बताया कि आग से प्रभावित परिवारों को आपदा प्रबंधन नियमों के तहत तुरंत आवश्यक राहत सामग्री और जरूरी सहायता मुहैया कराई जा रही है ताकि इस मुश्किल वक्त में उन्हें राहत मिल सके।
अक्टूबर 2024 की मालवारवान त्रासदी की यादें ताजा, पीडीपी नेता फिरदौस टाक ने प्रशासन से की पीड़ितों के पुनर्वास की मांग
इस भीषण आग की घटना ने स्थानीय लोगों को अक्टूबर 2024 में किश्तवाड़ के वारवान में हुए मालवारवान अग्निकांड की दर्दनाक यादें ताजा करा दी हैं, जिसमें पूरा गांव तबाह हो गया था। इस बार हुए भारी नुकसान को देखते हुए पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की नेता फिरदौस टाक समेत कई स्थानीय नेताओं ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि बेघर हुए सभी परिवारों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जाए, ताकि इस कड़ाके की ठंड के बीच उन्हें और उनके मवेशियों को किसी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।

