नयी दिल्ली, 29 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता, चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित कर हर नागरिक का वोट सुरक्षित करना आवश्यक है। श्री खरगे ने मंगलवार को यहां पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्य समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के सामने देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी है, लेकिन आज देश के नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाये जा रहे हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त मोदी सरकार की कठपुतली बन कर काम कर रहे हैं और अधिकारियों की मनमर्जी से मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे मौलिक चीज बताया था।
श्री खरगे ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी दल, संस्था या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत के मतदाताओं के अधिकारों, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इतना मजबूत और विश्वसनीय होना चाहिए कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों उसके फैसलों पर समान भरोसा कर सकें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की पांच स्पष्ट मांगें हैं कि मतदाता सूची में होने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाये, हटाये गये मतदाताओं को इसकी सूचना और अपील करने का अवसर मिले, राजनीतिक दलों को मतदाता सूची से संबंधित आवश्यक डेटा समय पर सरल प्रारूप में उपलब्ध हो, गंभीर विसंगतियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच हो तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और निर्णयों में पारदर्शिता रखी जाये। उनका कहना था कि मतदाताओं को यह भरोसा होना चाहिए कि उनका वोट सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं और सरकारें भी आती-जाती हैं, लेकिन लोकतंत्र और संविधान स्थायी हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महादेवपुरा, अलंद तथा हरियाणा और महाराष्ट्र में मतदाता आंकड़ों से जुड़े गंभीर सवाल दस्तावेजों के साथ उठाये थे। यदि चुनाव आयोग ने उन मुद्दों पर गंभीरता दिखाई होती तो उसकी विश्वसनीयता बची रहती।
श्री खरगे ने कहा कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त की गतिविधियों को मनमाना और अनुचित बताया है। मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने तथा प्रधानमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को देखते हुए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी मतदाता का अधिकार न छीना जाये, हर व्यक्ति का वोट सुरक्षित रहे और चुनाव निष्पक्ष हों।

