इंदौर: शहर में बनी बनाई सीमेंट कांक्रीट की सड़कों को खोदने का सिलसिला बदस्तूर जारी है. स्थिति यह है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर आए दिन पानी और ड्रेनेज लाइन लीकेज या सुधार के नाम पर लगातार सीमेंट कांक्रीट की सड़कों पर गड्ढे किया जा रहे हैं.नगर निगम द्वारा शहर में भले ही स्वच्छता में सिरमौर बने रहने की कार्रवाई की जा रही है. मगर दूसरी ओर शहर की बनी बनाई सड़कों को गड्ढे में तब्दील करने का काम भी निरंतर जारी है. स्थिति यह है कि शहर के किसी भी प्रमुख मार्ग पर चले जाओ, कहीं ना कहीं सीमेंट कांक्रीट की सड़क पर गड्ढा खुदा हुआ नजर आ रहा है.
गड्ढा भी छोटा नहीं, बल्कि 10&8 से 10&10 तक चौड़ा और 10 से 15 फीट गहरा गड्ढा होता है, जो नर्मदा लाइन और ड्रेनेज लाइन लीकेज सुधारने के लिए खोदा जाता है. ताजा मामला रणजीत हनुमान मंदिर के आगे नरेंद्र तिवारी मार्ग के कोने का है. यह नर्मदा की पुरानी लाइन में चार-पांच छोटे-छोटे लीकेज से वॉल में पानी भरा रहा था. उसके लेकर आज जेसीबी से सीमेंट कांक्रीट की सड़क पर बड़ा गड्ढा खोदा गया. इसके पहले इसी सड़क के दूसरे छोर पर गुमास्ता की तरफ 11 सितंबर को भज 500 एमएम नर्मदा लाइन में लीकेज होने को मेनरोड पर गड्ढा खोदा था, जो आज भी गड्ढा है बना हुआ है.
नगर निगम में नर्मदा और ड्रेनेज लाइन का काम करने वाले सुधार कर चले जाते हैं और बाद में स्थिति यह होती है कि थोड़े दिन बाद वह स्थाई गड्ढा बन जाता है, जिसका भराव ठीक से नहीं किया जाता, बल्कि निकली हुई मिट्टी ट्रॉली में भरकर फेंक दी जारी है। गड्ढे में गिट्टी एवं चूरी भरकर कम खत्म कर दिया जाता है. फिर कई महीनों तक चूरी गड्ढे में दबने के बाद भी वापस सीमेंट कांक्रीट से प्रेसिंग नहीं की जाती हैं और मुख्य सड़कों पर खुदाई का गड्ढा शहर की दास्तान बयां करता रहता है. नगर निगम नींद से तब जागता है जब कोई घटना या दुर्घटना नहीं हो जाती है.
क्षेत्रीय लोगों का कहना है
इस मामले में सुदामा नगर रहवासी अशोक आर्य ने कहा कि नगर निगम आए दिन कहीं ना कहीं खुदाई कर सड़कों पर गड्ढे बनाए जा रहे है. कुछ दिन पहले नरेंद्र तिवारी मार्ग पर सीमेंट कांक्रीट की सड़क खोदी गई थी, जिसका गड्ढा आज तक बना हुआ है. सीमेंट की सड़क का गड्ढा डामर और चूरी से भरते है, जिसमें दुर्घटना का अंदेशा बना ही रहता है. गुमास्ता नगर रहवासी सुनील जैन ने कहा कि शहर के प्रमुख और मुख्य मार्ग पर कभी भी गड्ढा खोद दिया जाता है। कभी सुदामा नगर, कभी अन्नपूर्णा रोड़, कभी कहीं, महू नाका से गंगवाल की तरफ ,शहर की ऐसी कई सड़कें है, जो सीमेंट कांक्रीट से बनी है और उनके खोदा जा रहा है. यही नहीं कुछ सड़के तो अभी पिछले एक दो सालों में बनी है, उनकी भी कोई न कोई लाइन डालने या सुधारने के लिए गड्ढे किए जा रहे है। कुल मिलाकर नगर निगम का काम समझ नहीं आ रहा है कि आखिर सड़क बनने के पहले क्यों नहीं देखते की लाइन पुरानी है या कोई समस्या है?
क्या कहते हैं जिम्मेदार
नगर निगम अपर आयुक्त आशीष कुमार पाठक ने उक्त मामले में कहा कि आयुक्त द्वारा विचार कर निर्णय लेने की योजना बनाई जा रही हैं, जिसमें ठेकेदारों और निर्माण एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी. साथ यह तय किया जा रहा है कि सीमेंट कांक्रीट की सड़कों ने निर्माण से पहले सभी तरह की लाईनों की जांच रिपोर्ट बनाई जाएं, ताकि भविष्य में सड़कों को खोदना नहीं पड़े. रणजीत हनुमान के आगे खुदाई के विषय में पता करता हूं कि क्यों खोदा गया है इतना बड़ा गड्ढा? साथ ही तुंरत गड्ढा व्यवस्थित करने के निर्देश भी ठेकेदार को दिया जाएगा
