एआईएसएचई डेटा अपलोडिंग में लापरवाही पड़ी भारी तो रद्द हो सकती है संबद्धता

​ग्वालियर। ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) के सत्र 2025-26 का सही एवं सत्यापित डेटा पोर्टल पर समय से अपलोड करने के उद्देश्य से जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रभारी कुलगुरु प्रो. विवेक बापट की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्कशॉप में विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं निजी कॉलेजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

​कार्यशाला में स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. नीलम वासनिक और स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. ममता श्रीवास्तव ने डेटा दर्ज करने की प्रक्रिया और तकनीकी समाधानों की जानकारी दी। डॉ. श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि डेटा की गुणवत्ता और सटीकता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसी आधार पर उच्च शिक्षा की नीतियां तय होती हैं।

​कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार मिश्रा ने चेतावनी दी कि कॉलेजों का औचक निरीक्षण करने के लिए उड़नदस्ता गठित कर दिया गया है। यदि किसी कॉलेज में अनियमितता, अंकसूची रोकने या वेतन न देने जैसी शिकायतें पाई गईं, तो परिनियम 27/28 के तहत संबद्धता समाप्त करने तक की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, डीसीडीसी निदेशक प्रो. शांतिदेव सिसोदिया ने अशासकीय कॉलेजों को शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय पर वेतन भुगतान और छात्रों का रिकॉर्ड दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए।

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