केन्द्रीय विद्यालय में मानवाधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता और समावेशी शिक्षा पर अनुश्रवण बैठक

भोपाल। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, भोपाल के कृष्णमूर्ति सभा कक्ष में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) की ओर से शैक्षणिक संस्थानों में मानवाधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता और समावेशी शिक्षा को लेकर विशेष अनुश्रवण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग के विशेष मॉनिटर प्रो. कन्हैया त्रिपाठी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।

विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या एवं वरिष्ठ शिक्षिका भावना जायसवाल ने प्रो. त्रिपाठी का हरित पौधा भेंट कर स्वागत किया। बैठक की शुरुआत भारत की पहली महिला कुलपति और संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा (UDHR) के निर्माण से जुड़ी हंसा मेहता के योगदान को याद करते हुए हुई। प्रो. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए विद्यालय परिसर में हंसा मेहता के चित्र प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने शिक्षकों से मानवाधिकार और सामाजिक समानता पर मौलिक आलेख तैयार कर उन्हें संकलित करते हुए पुस्तक प्रकाशित करने का सुझाव दिया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ विनम्र व्यवहार और सहज भाषा का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। साथ ही किसी विद्यार्थी को अनुत्तीर्ण करने के बजाय उपचारात्मक कक्षाओं के माध्यम से उसकी शैक्षणिक कमियों को दूर करने की बात कही।

प्रो. त्रिपाठी ने विद्यालय में स्वच्छता, पेयजल और शौचालयों की दैनिक निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच वर्ष में दो बार के बजाय प्रत्येक तीन माह में कराने पर जोर दिया। उन्होंने थर्ड जेंडर बच्चों के प्रवेश के लिए आउटरीच कार्यक्रम चलाने, विद्यार्थियों को साइबर हाइजीन के प्रति जागरूक करने और मोबाइल के सीमित उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।

बैठक के बाद प्रो. त्रिपाठी ने विद्यालय के पुस्तकालय का निरीक्षण किया और विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें उपलब्ध शैक्षणिक एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। यह बैठक आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति बी. रामसुब्रमण्यम की प्राथमिकताओं और दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित की गई।

कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ शिक्षिका माधुरी राजगुरु ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि छात्र सांस्कृतिक समिति द्वारा मानवाधिकार पर तैयार नाटक की रिकॉर्डिंग आयोग को भेजी जाएगी। साथ ही प्रार्थना सभा में मानवाधिकार चर्चा, उपचारात्मक शिक्षण, साइबर हाइजीन और दिव्यांग विद्यार्थियों की त्रैमासिक स्वास्थ्य जांच जैसे सुझावों को लागू किया जाएगा। बैठक में विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकगण मौजूद रहे।

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