सतना: कई घंटों से हो रही बारिश ने शहर की बदहाल सड़कों और प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है शायद ही शहर की कोई ऐसी सड़क बची हो जहां गड्ढे न हों. शहर में कई सड़कों की स्थिति तो इतनी बदतर हो चुकी है कि यह पहचानना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क ऊपर से बारिश का पानी भरने के बाद ये जलमग्न गड्ढे राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं और आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं
हादसों को न्योता देते जलमग्न गड्ढे
शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय इलाकों में सड़कों की हालत अत्यंत दयनीय है आलम यह है की बारिश के दौरान जब इन गड्ढों में पानी भर जाता है, तो दोपहिया और पैदल चलने वाले राहगीरों को इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पात ऐसे में अचानक बाइक या स्कूटी का पहिया इन गड्ढे में जाते ही वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं बीते कुछ दिनों में दर्जनों लोग इन हादसों में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं इसके बावजूद जिम्मेदार महकमा किसी बड़े हादसे के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठा है
नालियों का गंदा पानी बढ़ा रहा बीमारियों का खतरा
सड़कों की खस्ताहाली के साथ-साथ शहर का ड्रेनेज सिस्टम भी पूरी तरह बर्बाद नजर आ रहा है। नालियों की सफाई न होने के कारण बारिश का पानी और सीवर का गंदा पानी सड़कों पर लबालब भर रहा है इससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि बदबू और जलभराव के कारण आसपास के रहवासियों में संक्रमण और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है
स्मार्ट टैग पर उठते गंभीर सवाल
करोड़ों रुपये के बजट से शहर को स्मार्ट बनाने का दावा करने वाली नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर अब आम जनता सवाल उठा रही है शहरवासियों का कहना है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई घटिया सामग्री और मेंटेनेंस के अभाव के कारण पहली ही तेज बारिश में सड़कें बह गईं थी उसके बाद बदहाल हुई सड़कों पर प्रशासन ने मेंटेनेंस का सही काम नहीं किया यही कारण है कि हल्की बारिश में सड़क में जलभराव होता है सड़क समतल लगती है लेकिन सड़क के गड्ढों में भरा पानी जानलेवा हो रहे है
शहरवासियों में भारी आक्रोश
सड़कों की बदहाली से परेशान व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों का गुस्सा अब चरम पर है लोगों का कहना है कि हर साल टैक्स देने के बाद भी उन्हें जानलेवा सड़कों पर सफर करना पड़ रहा है लोगों का कहना है कि बारिश में इन सड़कों में चलना खतरों से खेलने जैसा है
