
सिंगरौली । ब्लॉक मुख्यालय देवसर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तक पहुंचना इन दिनों आसान नही है। आलम यह है कि करीब 300 मीटर लम्बी सड़क कीचड़ एवं गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
दरअसल ब्लॉक मुख्यालय देवसर के गली-मोहल्लों की अधिकांश सड़के रख-रखाव के अभाव में खस्ता हो जा रही है। आलम यह है कि इन सड़को का रख-रखाव ग्राम पंचायत करने में सफल नही हो पाई है। जिसका जीता-जागता उदाहरण जनपद मुख्यालय से करीब 400 मीटर दूर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का है। जहां मुख्य मार्ग सीधी-सिंगरौली के नेशनल हाईवे-39 से जुड़ने वाली सड़क की हालत बद् से बत्तर हो चुकी है। सड़क में कितने गड्ढे हो चुके हैं और कीचड़युक्त हो चुके हैं, गड्ढों को गिनने में वक्त लगेगा। यहां बताते चले कि इसी मार्ग में कई वरिष्ठ अधिकारियों के शासकीय आवास भी हैं। जिसमें जनपद पंचायत सीईओ समेत अन्य विभागो के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। फिर भी इसके बावजूद सड़क का वर्षो से मरम्मत कार्य नही कराया गया। छात्रों ने बताया कि विद्यालय आना-जाना इन दिनों भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कीचड़ से लथपथ होकर आना-जाना पड़ता है। यह समस्या बारिश के सीजन में है। कई बार अधिकारियों एवं नेताओं को अवगत कराया गया, लेकिन कोरा आश्वासन के अलावा कुछ हाथ नही लगा है। यदि सड़क की यही हालात रहें तो हम सब छात्राएं किसी भी दिन मुख्य मार्ग जाम करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। छात्राओं ने इस ओर विधायक सिहावल एवं कलेक्टर सिंगरौली का ध्यान आकृष्ट कराते हुये सड़क का मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
बारिश के दिनों आने-जाने में समस्या
दरअसल जुलाई महीने से बारिश शुरू है, तब से अब तक करीब-करीब बारिश होती रही है। छात्राओं ने बताया कि दो-चार दिन के लिए बारिश थम जाती है तो आना-जाना आसान हो जाता है। परंतु पिछले कई दिनों से लगातार मौसम में बदलाव आया है और बारिश के चलते जर्जर सड़क के गड्ढों में पानी भरने के साथ-साथ कीचड़ होने के कारण पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। वाहनों के आते-जाते वक्त कपड़ो में छीटा पड़ना आम बात हो गई है। एक स्कूली ड्रेस एक दिन ही चल रहा है। इसका असली वजह सड़क का कीचड़ है।
छात्राओं ने कहा डीएमएफ फंड से बनवाओं सड़क
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवसर के कई छात्राओं ने कहा कि जिला प्रशासन के लिए औद्योगिक कंपनी एनसीएल एवं एनटीपीसी के सीएसआर मद की राशि पर्याप्त मात्रा में है और इसके अलावा खनिज प्रतिष्ठान मद भी है, जिसमें 1000 करोड़ से ऊपर का बजट है। इसके बावजूद खस्ताहाल कीचड़ युक्त सड़क से चलना पड़ रहा है। आखिरकार प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि जर्जर सड़क पर ध्यान क्यों नही दे रहे हैं। छात्राओं ने यह भी कहा है कि डीएमएफ फंड से सामग्री क्रय करने पर ज्यादा जोर न दे, बल्कि सड़क तथा आवश्यकतानुसार स्कूल भवन बनावाएं।
