
सतना। शहर में अनंत चतुर्दशी पर भगवान श्री गणेश की विदाई का पर्व पूरे भक्तिभाव, धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ मनाया गया. तेज बारिश के बीच भी शहर की गलियां और प्रमुख मार्ग गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों से गूंजते रहे बारिश के बावजूद भी बप्पा के भक्त अपने आराध्य को अंतिम विदाई देने विसर्जन स्थल पहुंचे नम आंखों और फिर से आने के वादे के साथ भक्तों ने अपने विघ्नहर्ता को विदाई दी
ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर थिरके श्रद्धालु
शहर के प्रमुख गणेश मंडपों से गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य विसर्जन शोभायात्राएं निकाली गईं. युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बारिश में भी भीगते हुए अबीर-गुलाल और बप्पा की भक्ति पर नाचते गाते हुए उन्हें अंतिम विदाई दी।
विसर्जन घाटों पर रही सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था
सतना के बांधवगढ़ नदी, ट्रांसपोर्ट नगर तालाब, बाबूपुर घाट और शहर के अन्य चिह्नित विसर्जन स्थलों पर प्रशासन द्वारा पुलिस, एसडीआरएफ टीम सहित नदी एवं तालाबों में पानी की गहराई को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग बॉल से सीमाएं बनाई गई हैं शाम के बाद मूर्तियों के विसर्जन के लिए विसर्जन स्थलों में प्रशासन द्वारा उचित प्रकाश की पहले से ही व्यवस्था की गई थी
पर्यावरण संरक्षण का दिखा संदेश
प्रशासन की अपील पर कई समितियों और नागरिकों ने नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए ईको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं का ही विसर्जन किया, वहीं कई स्थानों पर कृत्रिम कुंडों में भी प्रतिमाएं विसर्जित की गई
